धान अधिप्राप्ति केंद्र दो महीने से बंद, किसानों की परेशानी बढ़ी

चितरा: एमएसपी का लाभ नहीं मिल रहा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा

चितरा. क्षेत्र के धान अधिप्राप्ति केंद्र गत 15 जनवरी से बंद पड़े हैं, जिससे किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दो महीने से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद केंद्र चालू नहीं हो सका है. परिणामस्वरूप सैकड़ों किसानों का धान अब भी उनके घरों में पड़ा हुआ है. किसानों का कहना है कि सरकार ने धान खरीद के लिए व्यापक स्तर पर अधिप्राप्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया था, ताकि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ ले सकें, लेकिन स्थानीय स्तर पर केंद्र बंद रहने से सरकारी योजना का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है. मजबूरी में किसान अपने धान को औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने को विवश हैं. इससे उन्हें एमएसपी का लाभ नहीं मिल रहा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. धान खरीद केंद्र बंद रहने से किसानों में आक्रोश भी बढ़ रहा है. उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द केंद्र चालू कराने की मांग की है, ताकि वे अपना धान उचित मूल्य पर बेच सकें. जानकारी के अनुसार, कई किसानों को पूर्व में बेचे गए धान का भुगतान भी अब तक नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. इस संबंध में पैक्स अध्यक्ष याकूब अंसारी ने कहा कि विभाग द्वारा डाटा लोड करने का मशीन बंद रखा गया है, जिससे पैक्स भी बंद पड़ा है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और बंद पड़े धान अधिप्राप्ति केंद्र को कब तक शुरू कराया जाता है.

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By SANJAY KUMAR RANA

SANJAY KUMAR RANA is a contributor at Prabhat Khabar.

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