देवघर : मोहनपुर प्रखंड के 51 गांवों में घर-घर पेयजल पहुंचाने के लिए बनी 53 करोड़ रुपये की ग्रामीण जलापूर्ति योजना एक बार फिर संकट में है. चांदन नदी में रढ़िया गांव के समीप बने इंटकवेल के पास 22 अगस्त को ट्रांसफॉर्मर जल गया. इसके बाद से इंटकवेल से पानी उठाकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंचाया जा सका है. इससे पूरी जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गयी है और लोगों को घर-घर शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है.
ट्रांसफॉर्मर जलने से बंद है पानी उठाव
जलापूर्ति के लिए चांदन नदी में बने इंटकवेल से पानी लिफ्ट कर गौरा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाता है. लेकिन ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद पानी उठाव पूरी तरह बंद है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए बिजली विभाग को सूचित किया है.
सूचना के बावजूद नहीं बदला ट्रांसफॉर्मर
संबंधित एजेंसी की ओर से भी कई बार बिजली विभाग के अभियंताओं को इसकी जानकारी दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक ट्रांसफॉर्मर नहीं बदले जाने से योजना बंद पड़ी है. बरसात के मौसम में भी ग्रामीणों को इस योजना से शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है.
पूर्व मुखिया ने लगाया लापरवाही का आरोप
रढ़िया पंचायत के पूर्व मुखिया राज किशोर यादव ने कहा कि इतनी बड़ी जलापूर्ति योजना का ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद लंबे समय तक योजना बाधित रहने पर इसे विभागीय लापरवाही बताया है. बिजली विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद समय पर ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.
जल्द ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग
राज किशोर यादव ने बताया कि पंचायत के सैकड़ों घरों में करीब 20 दिनों से घर-घर जलापूर्ति पूरी तरह बंद है. उन्होंने बिजली विभाग के अभियंता से जल्द ट्रांसफॉर्मर बदलकर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है.
