संजीत मंडल की रिपोर्ट
देवघर : राजकीय श्रावणी मेला-2026 के 14 दिनों में बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 28,33,634 तक पहुंच गयी है. इनमें 92,134 श्रद्धालुओं ने शीघ्रदर्शनम् कूपन के माध्यम से जलार्पण किया. मेला की अब तक की उपलब्धियों और आगे की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आरएल सर्राफ स्कूल स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में डीसी सौरभ कुमार भुवानिया और एसपी प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में साप्ताहिक प्रेसवार्ता हुई.
श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभूति के साथ विदा करना हमारी जिम्मेदारी : डीसी
डीसी ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देवघर की पहचान और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा दायित्व है. उन्होंने कहा कि बाबा पर जलार्पण करने देवघर आने वाले श्रद्धालु यहां से एक अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें, यह हम सभी की जिम्मेदारी और जवाबदेही है. अब तक जिस समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम हुआ है, उसी लय को आगे भी बनाये रखना है. श्रावण की शेष दो सोमवारी में बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने की संभावना है. ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मी उसी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे.
सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, पॉकेटमारों पर भी कार्रवाई
एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि मेला के दौरान मंदिर परिसर से कुछ मोबाइल बरामद किये गये हैं और कुछ पॉकेटमारों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस लगातार सतर्क है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ अपराध नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
28.33 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण, मंदिर को मिले 3.54 करोड़ रुपये
डीसी ने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 28,33,634 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया. इनमें शीघ्रदर्शनम् कूपन के जरिये 92,134 श्रद्धालु शामिल हैं. बाबा मंदिर को इसी अवधि में विभिन्न स्रोतों से 3,54,59,011 रुपये की आय प्राप्त हुई. शीघ्रदर्शनम् कूपन से प्राप्त आय का 60 प्रतिशत हिस्सा 2,91,19,680 रुपये रहा.
स्वास्थ्य केंद्रों में 98 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का इलाज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 जुलाई से 11 अगस्त तक मेला क्षेत्र के अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में 98,436 श्रद्धालुओं का इलाज किया गया. इनमें 66,141 पुरुष, 28,414 महिलाएं और 3,791 बच्चे शामिल हैं. पूरे मेला क्षेत्र में अब तक 33,224 मरीजों का चिकित्सकीय इलाज किया गया.
49 हजार से अधिक खोये-पाये श्रद्धालुओं का पंजीकरण, 34 हजार को परिजनों से मिलाया
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के 34 सूचना केंद्रों में अब तक 49,257 खोये-पाये कांवरियों का पंजीकरण हुआ. इनमें 34,561 कांवरियों को उनके परिजनों से मिलाया गया. केंद्रीय सूचना केंद्र सह अंतरराज्यीय खोया-पाया केंद्र से 30 जुलाई से 12 अगस्त तक 245 श्रद्धालुओं को 13,900 रुपये सहयोग राशि और टिकट देकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया. ऑनलाइन चैटबॉट क्यूआर कोड से प्राप्त 65 शिकायतों का भी निष्पादन किया गया.
शिवलोक से शिवगंगा तक धार्मिक अनुभव के साथ तकनीक का तड़का
श्रावणी मेला में धार्मिक अनुभव के साथ सांस्कृतिक और तकनीकी प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र बनी है. शिवलोक परिसर में अमरनाथ दर्शन व श्रीकालहस्ती मंदिर थीम पर भव्य प्रदर्शन हो रहा है, जिसे रोजाना 15-17 हजार लोग देख रहे हैं. शिवगंगा में वाटर प्रोजेक्शन एंड लेजर शो आयोजित किया गया है. 10 स्थानों पर वीआर के माध्यम से बाबाधाम की पौराणिक कथा से जुड़ी जानकारी दी जा रही है, जबकि 31 चिह्नित स्थलों पर एलइडी स्क्रीन से वीडियो प्रदर्शित किये जा रहे हैं.
परिवहन से 38.37 लाख, वाणिज्य कर से 2.03 करोड़ की आय
परिवहन विभाग को निबंधित व्यावसायिक वाहनों से राज्य प्रवेश शुल्क के रूप में 38,37,000 रुपये प्राप्त हुए. वहीं 1 से 12 अगस्त तक वाणिज्य कर से 203.71 लाख रुपये की प्राप्ति हुई.
बिजली और नगर निगम को भी लाखों का राजस्व
विद्युत विभाग को अस्थायी विद्युत से 55,29,810 रुपये और नगर निगम को 30 जुलाई से 12 अगस्त तक 1,06,50,000 रुपये का राजस्व मिला. मौके पर डीडीसी पीयूष सिन्हा ने मेला की सफलता में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने नगर निगम की ओर से किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी.
मेला से विभिन्न विभागों को 7.58 करोड़ रुपये का राजस्व
| विभाग/स्रोत | प्राप्त आय |
| बाबा मंदिर | ₹3.54 करोड़ |
| परिवहन विभाग | ₹38.37 लाख |
| वाणिज्य कर | ₹2.03 करोड़ |
| विद्युत विभाग | ₹55.29 लाख |
| नगर निगम | ₹1.06 करोड़ |
| कुल | ₹7.58 करोड़ |
प्रेसवार्ता में अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में डीपीआरओ राहुल कुमार भारती, डीपीओ मुकेश कुमार, एपीआरओ रोहित कुमार विद्यार्थी समेत विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और जनसंपर्क कर्मी मौजूद थे.
