चितरा. सरकार के जनगणना अभियान के तहत प्रगणक गांवों और टोलों में घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र कर रहे हैं. इस कार्य में उन्हें सबसे बड़ी समस्या क्षेत्रीय सीमाओं की अस्पष्टता के कारण हो रही है. कई गांवों में स्पष्ट सीमांकन न होने से सही परिवारों तक पहुंचने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में दूर-दराज बसे टोलों तक पहुंचने के लिए प्रगणकों को कच्ची सड़कों, खेतों और पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है. तेज गर्मी और उमस के बीच पैदल चलकर सर्वे कार्य पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. कई प्रगणकों ने बताया कि अपरिचित क्षेत्रों में घरों की गिनती और गांव की स्थिति समझने में समय लग रहा है. कुछ परिवारों के दिन में घर पर न मिलने से भी कार्य प्रभावित हो रहा है. ऐसे मामलों में प्रगणकों को बार-बार उसी क्षेत्र का दौरा करना पड़ रहा है. इसके बावजूद वे धैर्य और जिम्मेदारी के साथ दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं. वहीं सुपरवाइजर संजय कुमार, सुनील कुमार मंडल व प्रगणक ललित कुमार, संदीप चंद साहू, संतोष पांडे, गुफरान आदि प्रगणक कार्य में जुटे हैं.
सीमांकन और दुर्गम रास्ते बने जनगणना प्रगणकों की बड़ी चुनौती
चितरा में टोली बनाकर घर-घर जाकर एकत्र कर रहे आंकड़े
