मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न नदियों से बालू का बेरोकटोक उठाव जारी है. बारिश के मौसम को देखते हुए एनजीटी ने नदी घाटों से बालू उठाव पर प्रतिबंध लगा रखा है. इसके बावजूद पतरो नदी सहित अन्य नदियों के कई घाटों से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर बालू का अवैध उठाव किये जाने की बात सामने आ रही है. बताया जाता है कि पतरो नदी के नवापतरो, मोहनपुर, लोहराजोर, टंडेरी, साप्तर सहित कसाठी, पंदनिया और जयंती नदी के चेतनारी, बरसतिया समेत एक दर्जन से अधिक घाटों से बालू उठाव जारी है. वहीं, एनजीटी के प्रतिबंध का हवाला देकर बालू के लिए मनमाना मूल्य वसूले जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है. लोगों ने बताया कि बालू उठाव के लिए ट्रैक्टर चालकों ने आपस में एक सिंडिकेट बना रखा है. सुबह से ही कई चालक फोन और बाइक के साथ थाना गेट समेत विभिन्न चौक-चौराहों पर मौजूद रहते हैं. जैसे ही पुलिस या अंचल कार्यालय का वाहन क्षेत्र में निकलता है, इसकी सूचना फोन के माध्यम से घाटों पर मौजूद ट्रैक्टर चालकों को दे दी जाती है.
सूचना मिलते ही कई ट्रैक्टर चालक नदी घाट से हट जाते हैं. कई स्थानों पर उच्च स्तरीय पुलों के समीप से भी बालू उठाव किए जाने की जानकारी मिली है. इनमें पतरो नदी के मोहनपुर घाट, लोहराजोर घाट और टंडेरी घाट प्रमुख बताये जा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि उच्च स्तरीय पुलों के नजदीक से बालू उठाव पर रोक रहती है, क्योंकि इससे भविष्य में पुल के पिलर को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. इसके बावजूद इन क्षेत्रों में बालू उठाव लगातार जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है.
इस संबंध में सीओ यामुन रविदास ने कहा कि क्षेत्र में उनकी नजर है. अगर किसी तरह की सूचना मिलती है तो उचित कार्रवाई किया जायेगा. -- उच्च स्तरीय पुलों के समीप से बालू उठाव से सुरक्षा पर मंडराया खतरा फोन नेटवर्क के सहारे चल रहा कारोबार, पुलिस की भनक लगते ही ट्रैक्टर फरार प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल, मनमाने दाम वसूले जाने का आरोप बारिश में भी नहीं एक दर्जन से अधिक घाटों पर धंधा जारी
