Deoghar news : दहेज प्रताड़ना के मामले में पति को पाया दोषी, मिली एक वर्ष की सजा

सीजेएम दिव्या मिश्रा की अदालत से दहेज प्रताड़ना मामले में पति रोहित सिंह उर्फ प्रेम को दोषी पाकर एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनायी गयी.

विधि संवाददाता, देवघर. सीजेएम दिव्या मिश्रा की अदालत से दहेज प्रताड़ना मामले में पति रोहित सिंह उर्फ प्रेम को दोषी पाकर एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनायी गयी, साथ ही चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से दो माह की सजा काटनी होगी. सजायाफ्ता छोटा गोविंदपुर, सुभाष नगर, पूर्वी सिंहभूम जिला जमशेदपुर का रहने वाला है.

इसके विरुद्ध इनकी पत्नी शालिनी सिंह ने कोर्ट में कंप्लेंट केस दाखिल किया था, जिसे कंप्लेंट केस संख्या- 1475/2023 के तौर पर दर्ज कर लिया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान परिवादिनी की ओर से चार लोगाें ने घटना के समर्थन में गवाही दी और दोष सिद्ध कराने में सफल रहे. परिवादिनी की ओर से अधिवक्ता अमृत आनंद और बचाव पक्ष से अधिवक्ता रोहित कुमार सिंह ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपरोक्त फैसला सुनाया गया.

क्या था मामला

दर्ज परिवाद के अनुसार परिवादिनी की शादी रोहित सिंह उर्फ प्रेम के साथ 21 फरवरी 2021 को हुई थी. शादी के समय उपहार के तौर पर सात लाख रुपये नकद व लाखों रुपये का सामान दिया गया. कुछ दिनों तक ससुराल गयी, लेकिन पति समेत परिवार के अन्य सदस्य दहेज में दो लाख रुपये नकद व चार पहिया वाहन की मांग कर रहे थे. दहेज की मांग पूरी नहीं करने के कारण मारपीट की व सारे गहने छीनकर रख लिये. इसके बाद घर से निकाल दिया. किसी तरह मायके आयी व महिला थाना में शिकायत की. सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट में परिवाद दाखिल किया, जिसकी सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया. परिवादिनी को तीन साल के संघर्ष के बाद न्याय मिला.

जिसे सुनायी गयी सजा

रोहित सिंह उर्फ प्रेम, छोटा गोविंदपुर, सुभाष नगर, पूर्वी सिंहभूम

॰कोर्ट ने चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >