सारठ. झारखंड के सरकारी स्कूलों में स्प्लिट सिलेबस के अपडेट और कवरेज की स्थिति को लेकर जारी जुलाई 2026 तक की रिपोर्ट में कई जिलों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है. इसे लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) ने सभी विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है. संबंधित प्रधानाध्यापकों को तीन दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने अथवा स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अगस्त माह का वेतन स्थगित किया जा सकता है.
ई-गुरुजी एप पर डेटा एंट्री में सामने आयी लापरवाही
जेसीईआरटी की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, ई-गुरुजी एप पर स्प्लिट सिलेबस की डेटा एंट्री और कवरेज की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है. रिपोर्ट में देवघर, साहिबगंज और पश्चिमी सिंहभूम जिलों की स्थिति विशेष रूप से कमजोर बतायी गयी है.
स्प्लिट सिलेबस अपडेट के मामले में देवघर करीब 12 प्रतिशत, साहिबगंज 19 प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम 20 प्रतिशत पर रहा है. कम प्रगति को विभाग ने गंभीरता से लिया है.
शत-प्रतिशत डेटा एंट्री का निर्देश
रिपोर्ट में स्कूल स्तर पर जवाबदेही तय करने के साथ प्रखंड और संकुल स्तर पर नियमित समीक्षा करने तथा शत-प्रतिशत डेटा एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
इसी क्रम में सभी विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को ई-गुरुजी एप पर लंबित डेटा एंट्री का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
डीएसई की ओर से जारी निर्देश के बाद अब विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्धारित अवधि के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा. विभाग की कार्रवाई से विद्यालयों में लंबित डेटा एंट्री और स्प्लिट सिलेबस अपडेट का काम तेज होने की उम्मीद है.
