राजकीय श्रावणी मेला-2025. स्वास्थ्य मंत्री ने की श्रावणी मेले में विभागीय तैयारी की समीक्षा

स्वास्थ्य मंत्री ने की श्रावणी मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा बैठक

श्रावणी मेला क्षेत्र में तैनात रहेगी एनडीआरएफ, ड्रोन से होगा ब्लड डिलीवरी : डॉ इरफान

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की मुख्य बातें

-श्रावणी मेला 2025 में पहली बार एआइ और ड्रोन टेक्नोलॉजी का जलवा

मेले में नकली दवाओं, नशाखोरी और मिलावटी भोजन पर होगा कड़ा एक्शन

-श्रद्धालुओं के लिए 160 डॉक्टर, 41 एंबुलेंस और 300 जरूरी दवाएं उपलब्ध

-स्वास्थ्य मंत्री का निर्देश : हर स्तर पर चौकसी रहे, स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कमी नहीं हो

प्रमुख संवाददाता, देवघर

श्रावणी मेला में पहली बार एआइ तकनीक का जलवा दिखेगा. श्रावणी मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और किसी भी आपदा से निबटने के लिए एनडीआरएफ की तैनाती रहेगी. पहली बार ड्रोन से ब्लड की डिलीवरी होगी. ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित गति से ब्लड उपलब्ध कराया जा सके. उक्त जानकारी झारखंड के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने दी. स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को देवघर सर्किट हाउस में श्रावणी मेला में स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे. बैठक के बाद उन्होंने जानकारी दी कि मेला क्षेत्र में पहली बार एआइ आधारित निगरानी प्रणाली लगायी जा रही है, जो भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा जरूरतों की पूर्व जानकारी, आपदा की पूर्व चेतावनी जैसे मामलों में कारगर साबित होगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रद्धालु को तुरंत ब्लड की आवश्यकता होगी, तो ड्रोन के माध्यम से ब्लड बैंक से रक्त की आपूर्ति की जायेगी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेले में नकली दवाओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा. इसके लिए औषधि निरीक्षण दल गठित किया गया है. किसी भी संदिग्ध दवा की तत्काल जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नशाखोरी बर्दाश्त नहीं होगी. स्पेशल टीम, ड्रग इंस्पेक्टर और जिला पुलिस संयुक्त रूप से गश्ती करती रहेगी.

स्वास्थ्य केंद्रों में 300 प्रकार दवाएं उपलब्ध रहेंगी

उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 32 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, 41 एंबुलेंस और 160 चिकित्सकों की तैनाती की गयी है. 300 प्रकार की विशेष दवाओं की अग्रिम आपूर्ति कर दी गयी है. डॉ इरफान ने श्रावणी मेला के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि मेला क्षैत्र में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार का रंग, मिलावट या हानिकारक सामग्री नहीं होनी चाहिए. श्रद्धालुओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिले. कहीं भी गड़बड़ी पायी जायेगी तो बेचने वालों के अलावा खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी.

हर परिस्थिति के लिए एनडीआरएफ तैयार रहेगी

उन्होंने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी अप्रत्याशित घटना से निबटने के लिए एनडीआरएफ की टीम को मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त किया जा रहा है, जो हर स्थिति के लिए तैयार रहेगी. आपातकालीन चिकित्सा वाहन, संपर्क कंट्रोल रूम तथा सर्विलांस टीम सक्रिय रहेगी. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री न स्वास्थ्य सुविधा, खाद्य आपूर्ति, आपदा प्रबंधन, एआइ टेक्नोलॉजी के उपयोग, ड्रोन से ब्लड सप्लाई, नकली दवाओं की निगरानी तथा मिलावटी खाद्य पर नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की. मौके पर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने पीपीटी के माध्यम से सभी विभागीय तैयारियों की जानकारी मंत्री को दी.

बैठक में ये सभी थे मौजूद :

बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, निदेशक अभियान एनएचएम शशि प्रकाश झा, एमडी कॉरपोरेशन अबु इमरान, एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी, सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे.

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By Sanjeet mandal

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