हेल्थ काउंसेलिंग : जीवनशैली में लापरवाही बन रही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह : डॉ राजेश रंजन

बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते आज कई बीमारियां आम होती जा रही हैं, जिनमें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी भी शामिल है. यही कारण है कि समय रहते सतर्कता और सावधानी बरतना जरूरी है. यह बातें शहर के जाने-माने जेनरल सर्जन डॉ राजेश रंजन ने कही.

संवाददाता, देवघर : छोटी-छोटी बीमारियों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर संकट का कारण बन सकता है. बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते आज कई बीमारियां आम होती जा रही हैं, जिनमें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी भी शामिल है. यही कारण है कि समय रहते सतर्कता और सावधानी बरतना जरूरी है. यह बातें शहर के जाने-माने जेनरल सर्जन डॉ राजेश रंजन ने प्रभात खबर द्वारा आयोजित ‘हेल्थ काउंसलिंग : टॉक टू डॉक्टर’ कार्यक्रम के दौरान कहीं. डॉ राजेश ने कहा कि आज के समय में अमाशय का कैंसर आम होता जा रहा है, लेकिन इससे बचा जा सकता है. अपने खाने पीने में संतुलन बनायें. अल्कोहल का उपयोग नहीं करें व रेड मीट को फ्रिजर में रख कर नहीं खायें. यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है, इसका लक्षण मरीज को खाने के बाद तुरंत उल्टी आना, अचानक वजन कम होना, बुखार होना भी है. उन्होंने कहा कि इसका इलाज छोटे शहरों में भी हो सकता हैं, लेकिन लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कर इलाज कराना जरूरी है. इसके अलावा महिलाओं में भी ब्रेस्ट कैंसर की समस्या हो रही है, यह अक्सर महिलाओं में 40 साल के बाद देखने को मिलता है, लेकिन कभी- कभी कम उम्र में भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि इसे महिलाएं खुद से जांच कर सकती हैं. यदि गिल्टी जैसा दिखे, तो तुरंत सर्जन से मिलकर इलाज करायें. प्रारंभिक स्टेज में बीमारी की जानकारी हो जाने पर इसका ऑपरेशन कर ठीक किया जा सकता है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी को अपेंडिक्स हो गया है, तो इसका इलाज ऑपरेशन ही हैं, विलंब करने से फटने की भी समस्या होती है. इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर लोगों को परामर्श दिये. लोगों के सवाल व डॉक्टर के परामर्श सवाल : गले में बायीं ओर दर्द रहता है. सिर में भी दर्द रहता है तथा डकार लेने पर अधिक दर्द करता है. राहुल गुप्ता, सारठ सलाह : खान- पान में सुधार करें, थोड़ा फिजिक वर्क करें. कब्ज नहीं बने इसका ध्यान रखें. साथ ही एक अल्ट्रासाउंड करा कर चिकित्सक से संपर्क करें. सवाल : करीब एक साल से लगातार खाना खाने के बाद तुरंत लैट्रिन जाना पड़ता है. क्या करें. सौरभ कुमार, मधुपुर सलाह: रहन- सहन और खाने-पीने बदलाव करें, संतुलित आहार लें. हरी खाक सब्जी का उपयोग करें. खाना खाने के बाद तुरंत लेटें नहीं. फिजिकल वर्क करें. किसी चिकित्सक से संपर्क करें कुछ जांच के बाद दवा से ठीक हो जायेगा. सवालः मेरी पत्नी के लीवर में सूजन है. पेट दर्द रहता है. दवा लेने पर ठीक हो जाता है, फिर शुरू हो जाता है. रामचंद्र राज, देवघर सलाह: किसी चिकित्सक से संपर्क कर अपनी पत्नी का फैटी लीवर की जांच करायें. रात में खाना खाकर तुंरत नहीं साेयें. शाम सात से आठ बजे तक खाना खा लें. सवाल: पिछले एक साल से पाइल्स है. कभी- कभी छोटे- छोटे दाने हो जा रहे हैं और खून भी आता है. मृत्युंजय सिंह, सिकटिया, सारठ सलाह: कब्ज के कारण होता है. खाने में फाइबर युक्त भोजन करें. सलाद का उपयोग अधिक करें. पानी अधिक पीयें. इसके बाद भी परेशानी हो, तो चिकित्सक से संपर्क करें. सवालः मेरी मां को लगातार गैस बनाता है. पेट फूल जा रहा है, डकार भी आता है. कुंदन कुमार मांझी, सरैयाहाट सलाह: चाय, कॉफी का उपयोग कम करें और खाली पेट नहीं रहें. कभी- कभी पथरी के कारण भी गैस बनाता है, इसलिए चिकित्सक से संपर्क कर जांच करा लें. सवाल: मेरे भाई को 8.3 एमएम का पेशाब की नली में पथरी है और अपेंडिक्स भी है. विवेक कुमार, जयपुर, बांका सलाह: यदि पथरी से परेशानी नहीं हो रही है, तो पहले अपेंडिक्स का ऑपरेशन करा लें. अपेंडिक्स फट जाने से परेशानी हो सकती है. साथ में पथरी के लिए दवा चलती रहेगी. बाद में पथरी का ऑपरेशन करायें. सवाल: फिस्टूला हो गया है, पस भी आता है. राजेश कुमार मंडल, बेलाबगान सलाह: फिस्टूला का ऑपरेशन ही एक मात्र इलाज है, इसका ऑपरेशन करा लें, ठीक हो जायेगा. सवाल: किडनी में 3:3 एमएम का स्टॉन है, लेकिन दर्द बहुत करता है. आयुष्मान केसरी, देवघर सलाह: स्टोन का साइज बहुत कम है. पानी पीने से निकल जायेगा. यदि अधिक परेशानी हो रही है, तो चिकित्सक से संपर्क करें. सवाल: मेरी पत्नी का डिलेवरी के समय पाइल्स की समस्या हो गयी थी, अब बहुत परेशानी हो रही है. अजीत कुमार, गोड्डा सलाह: कब्ज के कारण ऐसा होता है. हरी साग-सब्जी व खीरा का उपयोग करें. गर्म पानी में दवा डाल कर कुछ देर तक बैठे. इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो, तो चिकित्सक से संपर्क करें. सवाल: मेरे पिता को हाइड्रोसील की परेशानी है, इससे उसे काफी गैस बन रहा है. विशाल कुमार, वीआइपी चौक, देवघर सलाह: हाइड्रोसील के कारण गैस नहीं बनता है. गैस बनने का दूसरा कारण होगा. चिकित्सक से मिल कर इलाज करायें. —————————– हाइलाइट्स प्रभात खबर के टॉक टू डॉक्टर कार्यक्रम में सर्जन डॉ राजेश रंजन ने लोगों को दिये परामर्श

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Author: RAJIV RANJAN

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