सुनियोजित तरीके से हरिहरबाड़ी तालाब का मिटाया जा रहा अस्तित्व

भू-माफियाओं की नजर अब देवघर के महत्वपूर्ण हरिहरबाड़ी तालाब पर पड़ गयी है. असामाजिक तत्व अब इस धरोहर के अस्तित्व को मिटाने की साजिश रच रहे हैं.

देवघर.

देवघर के अधिकतर तालाब भू-माफियाओं की भेंट चढ़ चुके हैं. शहरी क्षेत्र में जलसंकट का एक बड़ा कारण जलस्रोतों का खत्म होना भी है. अब लोगों के पीने के पानी की निर्भरता पुनासी डैम या फिर अजय नदी पर अधिक हो गयी है. भू-माफियाओं की नजर अब देवघर के महत्वपूर्ण हरिहरबाड़ी तालाब पर पड़ गयी है. असामाजिक तत्व अब इस धरोहर के अस्तित्व को मिटाने की साजिश रच रहे हैं. शिवगंगा के पूर्वी तट स्थित हरिहरबाड़ी तालाब को दाता साहेब तालाब के नाम से भी जाना जाता है. यह तालाब देवघर अंचल स्थित सैरात पंजी में नीलकंठपुर मौजा में थाना नंबर 415 व दाग नंबर 88 दर्ज है. इसे प्लानिंग के तहत भू-माफिया द्वारा भरा जा रहा है.

तालाब किनारे मिट्टी जमा कर भरा जा रहा एरिया

लोगों को व प्रशासन को पता नहीं चले, इसके लिए पहले तालाब किनारे ट्रैक्टरों से मिट्टी जमा की जाती है. इसके बाद जेसीबी से मिट्टी को तालाब में धकेल दिया जाता है. अबतक तालाब के पूर्वी भाग में लगभग 25 फीट चौड़े व 70 फीट लंबे एरिया में मिट्टी भरी जा चुकी है. निगम प्रशासन की चेतावनी का कोई असर नहीं पड़ रहा है.

मछली मारने तालाब की होती थी बंदोबस्ती

इस तालाब में मत्स्य विभाग की ओर से बंदोबस्ती होती थी. वर्ष 1963-64 से लेकर 1974-75 तक तालाब की बंदोबस्ती की गयी है. इसमें संबंधित ठेकेदार जाल फेंक कर मछली मारते थे.

पूर्व नगर आयुक्त ने भी कराया था काम बंद

तालाब को बेचने की जानकारी सबसे पहले नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त अशोक कुमार सिंह को मिली थी. उन्होंने इस मामले में कड़ाई की थी. तत्कालीन देवघर एसडीओ विशाल सागर को लेकर स्पॉट पर गये थे. उस समय तालाब की घेराबंदी का काम रुकवा दिया था.

क्या बोले नगर आयुक्त

सिटी मैनेजर को स्पेशल रूप से रोक लगाने के लिए दायित्व दिया है. फिर से मिट्टी भरने की बात आ रही है. कल खुद जांच करने जायेंगे.

योगेंद्र प्रसाद, नगर आयुक्त

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