बाल विवाह की रोकथाम को लेकर किशोरियों को किया जागरूक

बाल विवाह की रोकथाम को लेकर लड़कियों को किया जागरूक

मारगोमुंडा. प्रखंड क्षेत्र के पदांनिया गांव में लोरियल के तत्वावधान में आश्रय मधुपुर ने बाल विवाह रोकथाम को लेकर किशोरियों के साथ बैठक की. बैठक में संस्था की मुस्कान परवीन ने बताया कि बाल विवाह करना कानून जुर्म है. जो व्यक्ति अपनी लड़की कि शादी 18 वर्ष से कम उम्र में शादी करता है उसे दो साल का जेल या एक लाख रुपए जुर्माना देना पड़ सकता है. इसीलिए आप सभी आपने माता पिता को समझाएं कि कम उम्र में शादी ना करें और बच्चों को पढ़ाने लिखने का अवसर प्रदान करें. ताकि बच्चे पढ़ लिखकर आगे बढ़े. एक लड़की अगर पढ़ती है तो उसकी सात पीढ़ी तक बच्चे पढ़ता है. बच्चों को पढ़ाने लिखने व खेलने की आजादी मिलनी चाहिए. शादी की उम्र लड़की के लिए 18 वर्ष व लड़का के लिए 21 वर्ष इ��� उम्र में शादी करने पर उसे उसके होने बाले बच्चे स्वस्थ और तंदुरुस्त होता है. मौके पर दर्जनों किशोरी मौजूद थे.

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