प्रतिनिधि, चितरा; 12 फरवरी को कोयला उद्योग समेत पूरे देश में प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को लेकर कोलियरी प्रक्षेत्र में मजदूर संगठनों की गतिविधियां तेज हो गयी है. इस कड़ी में रविवार को यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन (एटक) की ओर से कोलियरी के मुख्य वर्कशॉप गेट के समक्ष गेट मीटिंग आयोजित की गयी. मौके पर एटक के एरिया सचिव पशुपति कोल ने कोयला कर्मियों को केंद्र सरकार के द्वारा लाये गये चार श्रम कोड के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह कानून को मजदूर विरोधी है. उन्होंने कहा कि चारों श्रम कोड स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और यूनियन अधिकारों को कमजोर करनेवाला है. उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हित में कानून बनाकर मजदूरों को असुरक्षित भविष्य की ओर धकेल रही है. उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग जैसे जोखिम भरे क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों के लिए यह कानून और भी खतरनाक होगा. साथ ही सहायक सचिव होपना मरांडी ने कहा कि नए श्रम कोड लागू होने से ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और स्थायी रोजगार लगभग समाप्त हो जायेगी. काम के घंटे बढ़ेंगे, जबकि मजदूरी और सुरक्षा में कटौती होगी. उन्होंने मजदूरों से समय रहते जागरूक होने और 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. मौके पर समसूल मियां, शशि महतो, बलराम मंडल, रतन रजक, दिलीप टुडू, लुगुमुनी कुमारी, कुमारी सजनी किस्कू, सुबोदरी मरांडी, कलावती देवी, फूलकुमारी देवी, चंद्रा कोलिन, शेख समीर, दिलीप दास, सुधीर दास, लक्ष्मण दास मौजूद थे. हाइलार्ट्स : चार श्रम कोड को बताया मजदूर विरोधी, 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने की अपील
देशव्यापी हड़ताल को लेकर मजदूर संघ ने की गेट मीटिंग
चितरा : कोलियरी के मुख्य वर्कशॉप गेट के समक्ष की गेट मीटिंग
