Deoghar News : फोटोशूट के बहाने आठ लाख की ठगी, होटल के बाथरूम में बंद कर फरार हुआ आरोपी

सिक्किम के गंगटोक निवासी उमेश चंद्र प्रधान से फोटोशूट प्रोजेक्ट के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी ने उमेश चंद्र को देवघर के एक होटल के बाथरूम में बंद कर करीब 7.5 से आठ लाख रुपये मूल्य का सामान लेकर फरार हो गया.

वरीय संवाददाता, देवघर : सिक्किम के गंगटोक निवासी उमेश चंद्र प्रधान से फोटोशूट प्रोजेक्ट के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी ने उमेश चंद्र को देवघर के एक होटल के बाथरूम में बंद कर करीब 7.5 से आठ लाख रुपये मूल्य का सामान लेकर फरार हो गया. इस मामले में गंगटोक के सदर पुलिस स्टेशन में 26 फरवरी को जीरो एफआइआर दर्ज किया गया था, जिसे देवघर भेजा गया. इसके आधार पर नगर थाना में कांड संख्या 128/2026 के तहत 22/03/2026 को प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिक्किम के पाकयोंग जिला अंतर्गत अरितार, रेनॉक निवासी उमेश चंद्र प्रधान (वर्तमान निवासी अपर सिचेय, मैरीगोल्ड, गंगटोक) को 18 फरवरी को एक परिचित के माध्यम से फोटोशूट प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मिला. उन्हें एक मोबाइल नंबर दिया गया, जिसके जरिये उनकी बातचीत कार्तिक एस से हुई, जो तमिलनाडु के सलेम जिला अंतर्गत मोहन नगर का रहनेवाला है. उमेश उसी रात गंगटोक के एक होटल में कार्तिक एस से मिले. बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को आध्यात्मिक और विश्वसनीय व्यक्ति बताकर उनका भरोसा जीता. अगले दिन दोनों ने गंगटोक के विभिन्न स्थानों पर फोटोशूट किया. इसके बाद आरोपी ने उमेश को देवघर चलने का प्रस्ताव दिया, जहां बाबा धाम में शूटिंग करने और लौटकर भुगतान करने की बात कही गयी. 21 फरवरी को दोनों सिलीगुड़ी होते हुए देवघर पहुंचे और दुमका रोड स्थित होटल सत्यम पैलेस में ठहरे. 22 फरवरी की सुबह आरोपी ने ड्राइवर को एयरपोर्ट भेज दिया और उमेश चंद्र प्रधान को स्नान करने के लिए कहा. जब उमेश बाथरूम में थे, उसी दौरान आरोपी ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया. करीब एक घंटे तक बाथरूम में बंद रहने के बाद जब दरवाजा खुला, तो उमेश ने पाया कि उनका सारा सामान गायब है. इसमें महंगा सिनेमा कैमरा, मोबाइल फोन, कपड़े और महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे. होटल के रिसेप्शन पर पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी बैग लेकर यह कहकर निकला कि वह सामान गाड़ी में रख रहा है. घटना के बाद 25 फरवरी को आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से उमेश को धमकी भी दी और उनका पता पूछा. भाषा संबंधी समस्या के कारण देवघर में तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी. इसके बाद उमेश 23 फरवरी को गंगटोक लौटे और वहां जीरो एफआइआर दर्ज कराया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपी की तलाश जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. हाइलाइट्स गंगटोक निवासी उमेश चंद्र प्रधान से फोटोशूट प्रोजेक्ट के नाम पर की गयी ठगी कैमरा, मोबाइल, दस्तावेज सहित लाखों का सामान लेकर भागा गंगटोक में जीरो एफआइआर के बाद देवघर नगर थाना में दर्ज हुआ केस

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Author: ASHISH KUNDAN

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