सारठ. आधार और वोटर कार्ड में कथित तौर पर उम्र में हेरफेर कर पेंशन का लाभ लेने के 775 मामलों का खुलासा होने के करीब तीन साल बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है. मामला देवघर जिले के सारठ प्रखंड का है. जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद कुछ पेंशनधारियों के नाम पोर्टल से हटाए गए, लेकिन अब तक कथित रूप से ली गई राशि की वसूली नहीं हो सकी है.
47 मामलों से खुला था फर्जीवाड़े का राज
मामला सबसे पहले बागडबरा पंचायत से सामने आया. पंचायत सचिव ने तत्कालीन बीडीओ को लिखित शिकायत देकर बताया था कि पंचायत के 47 लोगों ने आधार में उम्र बढ़ाकर पेंशन की स्वीकृति करा ली है. शिकायत के बाद तत्कालीन बीडीओ पल्लवी सिन्हा ने टीम गठित कर जांच करायी.
जांच में 47 लोगों द्वारा आधार में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उम्र बढ़ाने और पेंशन का लाभ लेने की पुष्टि हुई. इसके बाद संबंधित पेंशनधारियों के नाम पोर्टल से हटाए गए. इसी क्रम में पूरे प्रखंड में जांच के दौरान ऐसे 775 मामले सामने आए, जिनमें आधार और वोटर कार्ड में कथित हेरफेर कर पेंशन स्वीकृत कराने की बात सामने आयी.
खबर प्रकाशित होने के बाद सहायक निदेशक ने मांगी जांच रिपोर्ट
मामला प्रभात खबर के 10 अप्रैल 2023 के अंक में प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया. इसके बाद जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक ने सारठ बीडीओ को पत्र भेजकर 775 संदिग्ध पेंशनधारियों की जांच कराने और अयोग्य पाए जाने पर राशि की वसूली का निर्देश दिया.
पत्र में पूर्व में जारी 4 जुलाई 2022 के कार्यालय पत्रों का भी उल्लेख किया गया था, जिनमें ऐसे पेंशनधारियों की जांच कर राशि वसूलने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई आगे नहीं बढ़ने का आरोप है.
निर्देश के महीनों बाद भी नहीं हुई राशि की वसूली
फर्जी तरीके से पेंशन लेने के मामले की शिकायत सामाजिक सुरक्षा निदेशक, रांची तक भी पहुंची. इसके बाद सभी जिलों को इस तरह के मामलों की जांच कराने का निर्देश दिया गया.
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार के 17 नवंबर 2023 के पत्र में अयोग्य पेंशनधारियों से राशि वसूलने का निर्देश दिया गया. इसके बाद सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा देवघर ने 2 दिसंबर 2023 को सारठ बीडीओ को पत्र भेजा.
पत्र में 775 लोगों द्वारा कथित फर्जीवाड़े से पेंशन लेने के बावजूद अब तक राशि की वसूली नहीं होने पर नाराजगी जतायी गयी और कार्रवाई का निर्देश दिया गया. बावजूद इसके, मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है.
पंचायत समिति की बैठक में भी उठा मामला
फर्जी पेंशनधारियों से जुड़ा मामला पंचायत समिति की मासिक बैठक में भी उठ चुका है. बैठक में सदस्यों ने संदिग्ध पेंशनधारियों की जांच कराने और सरकारी राशि की वसूली का प्रस्ताव रखा था. इस पर सचिव सह बीडीओ की ओर से जांच कराने का आश्वासन दिया गया. हालांकि, इसके बाद भी कई महीने बीत जाने के बावजूद कार्रवाई का इंतजार है.
690 मृत पेंशनधारियों के खातों में भी पहुंची थी राशि
इसी प्रखंड में 8 अप्रैल 2023 को 690 मृत पेंशनधारियों के खातों में पेंशन की राशि जाने का मामला भी सामने आया था. संबंधित नाम पोर्टल से हटाए जाने की बात कही गयी, लेकिन खातों में भेजी गयी राशि की वसूली को लेकर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है.
यदि इन मामलों में नियमानुसार जांच कर राशि की वसूली की जाए, तो सरकारी खाते में बड़ी रकम वापस आ सकती है.
श्रावणी मेला खत्म होने के बाद जांच का आश्वासन
इस संबंध में सारठ बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के तहत आधार में उम्र बढ़ाकर फर्जी तरीके से पेंशन लेने का मामला संज्ञान में आया है. फिलहाल श्रावणी मेला चल रहा है. मेला समाप्त होने के बाद जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
