बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों कांवरियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा देने के लिए कांवरिया पथ से नेहरू पार्क तक प्रस्तावित एलिवेटेड फुटओवरब्रिज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है. गुरुवार को पथ निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और स्पर्श कंसल्टेंट की संयुक्त टीम ने पूरे प्रस्तावित मार्ग का फिजिबिलिटी सर्वे किया. प्रारंभिक सर्वे के बाद तकनीकी टीम ने रेलवे पुल की संरचनात्मक बाधा को देखते हुए फुटओवरब्रिज का निर्माण रेलवे पुल के बाद से शुरू करने पर सहमति जताई.
200 करोड़ के बजट का प्रावधान
सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही और निर्माण की तकनीकी संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया गया. राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है. प्रस्तावित एलिवेटेड फुटओवरब्रिज की कुल चौड़ाई सात मीटर होगी. इसमें पांच मीटर चौड़ा पैदल मार्ग केवल कांवरियों के आवागमन के लिए बनाया जाएगा, जबकि शेष दो मीटर हिस्सा सुरक्षा रेलिंग, रखरखाव और आपातकालीन उपयोग के लिए रखा जाएगा.
रेलवे पुल से नेहरू पार्क तक होगा निर्माण
सर्वे टीम ने रांगामोड़ के समीप रेलवे पुल से नेहरू पार्क तक पूरे मार्ग का निरीक्षण किया. प्रस्तावित रूट के अनुसार एलिवेटेड फुटओवरब्रिज रेलवे पुल के आगे से शुरू होकर रांगा मोड़, बिजली पासी चौक, दर्शनियां मोड़, बीएन झा पथ, पंडित शिवराम झा चौक और मानसरोवर हनुमान मंदिर होते हुए सीधे नेहरू पार्क तक पहुंचेगा. इस व्यवस्था से कांवरिये सुरक्षित तरीके से शिवगंगा पहुंच सकेंगे और स्नान के बाद पूर्व की तरह दर्शन के लिए कतार में शामिल हो सकेंगे.
11 जगह बनेंगे टॉयलेट, मेडिकल और पुलिस कैंप
कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फुटओवरब्रिज पर 11 स्थानों पर टॉयलेट, मेडिकल सहायता केंद्र और पुलिस कैंप बनाए जाएंगे. इनमें रेलवे पुल, रांगा मोड़ और दर्शनियां मोड़ प्रमुख स्थान होंगे, जबकि अन्य कैंप बीएन झा पथ के ऊपर बनाए जाएंगे. इसके अलावा आठ स्थानों पर रैंप और सीढ़ियां बनाई जाएंगी, जिनका उपयोग पुलिसकर्मी, दंडाधिकारी, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाएं करेंगी.
विश्वनाथ मिश्र लेन से नहीं गुजरेगा ब्रिज
फिजिबिलिटी सर्वे में पाया गया कि रेलवे पुल से नेहरू पार्क तक अधिकांश स्थानों पर पर्याप्त जगह उपलब्ध है और परियोजना के लिए किसी मकान को तोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यदि भूमि अधिग्रहण की जरूरत हुई भी तो केवल सीमित खाली भूमि का ही अधिग्रहण किया जाएगा. सर्वे टीम ने दो महत्वपूर्ण बदलाव भी प्रस्तावित किए हैं. पहला, दर्शनियां स्थित प्रणय वाटिका मार्ग की संकरी चौड़ाई के कारण वहां से ब्रिज नहीं बनाया जाएगा और इसे रांगा मोड़ की ओर मोड़ा जाएगा. दूसरा, विश्वनाथ मिश्र लेन (वीआईपी लॉज मार्ग) में भी पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण इस हिस्से को योजना से बाहर रखा गया है.
इसके बजाय फुटओवरब्रिज हिंदी विद्यापीठ से सीधे शिवराम झा चौक होते हुए मानसरोवर के किनारे से नेहरू पार्क तक जाएगा.
दो माह में तैयार होगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता एमके महतो ने बताया कि श्रावणी मेले में कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए अभी प्रारंभिक फिजिबिलिटी सर्वे किया गया है. सर्वे के आधार पर रेलवे पुल के समीप से नेहरू पार्क तक एलिवेटेड फुटओवरब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है.
उन्होंने बताया कि दो माह के भीतर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी. इसके बाद परियोजना का डिजाइन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
सर्वे टीम में शामिल रहे अधिकारी
सर्वे में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता एमके महतो, फील्ड सर्वे डिवीजन दुमका की कार्यपालक अभियंता अर्पिता तथा स्पर्श कंसल्टेंट के इंजीनियर शामिल रहे.
