प्रतिनिधि देवीपुर. सार्थी–जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मनियारपुर स्थित ग्रीन कॉलेज परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला जलवायु अखड़ा-2026 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड में न्यायपूर्ण बदलाव, जलवायु अनुकूलन, आजीविका और समुदायों के भविष्य को लेकर जनपक्षीय संवाद को मजबूत करना था. कार्यशाला में सार्थी नेटवर्क देवघर से जुड़े संस्थान जिसमें संवाद, प्रवाह, लोक प्रेरणा, चेतना विकास और अभिव्यक्ति फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बीआरसी के उद्यमी, उन्नतशील किसान, देसी बीज संरक्षक और देवघर के एनएमएनएफ सीआरपी साथियों ने सक्रिय भागीदारी निभायी. कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण उत्पन्न हो रही चुनौतियों पर अनुभव और विचार साझा किये. खेती, आजीविका, जल संकट, मिट्टी की उर्वरता में कमी के साथ पारंपरिक खाद्य प्रणालियों के क्षरण जैसे मुद्दों पर विमर्श किया गया. प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि जलवायु संकट से निबटने के लिए स्थानीय समुदायों की सहभागिता पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति आधारित समाधान अत्यंत आवश्यक हैं. कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण व हरित भविष्य के संकल्प के साथ पौधरोपण कर किया गया. मौके पर दिलीप दुबे, सतीश महाना, रंजन कुमार, घनश्याम, अभिव्यक्ति फाउंडेशन से अमित दीप मिश्रा, अभिषेक, सुप्रिया, अनिदिता, रूपा, टहलू और मनोज कुमार आदि उपस्थित थे. चर्चा के निष्कर्ष स्वरूप तीन प्रमुख कार्य योजनाओं पर सहमति बनी 1. बायोमास और मृदा पारिस्थितिकी तंत्र का पुनर्स्थापन 2. देशज खाद्य प्रणाली के प्रति जागरूकता व उसे मुख्यधारा से जोड़ना 3. मरुस्थलीकरण को रोकने हेतु मिट्टी व जल संरक्षण को बढ़ावा देना 4. खेती, आजीविका व पारिस्थितिकी से जुड़े स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए मल्टी-एक्टर प्लेटफॉर्म विकसित करना शामिल है
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण उत्पन्न हो रही चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने साझा किये विचार
देवीपुर में सारथी-जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क की प्रथम वर्षगांठ पर जलवायु अखाड़ा-2026 का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने खेती, किसानी और पर्यावरण के मसले पर चर्चा की.
