संवाददाता, देवघर. राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत देवघर जिले में एमडीए- 2026 को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय सभागार में प्रथम जिला समन्वय समिति की बैठक की गयी. अध्यक्षता डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने की. डीसी ने बताया कि जिले में दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक एमडीए कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. वहीं जानकारी दी कि यह जिला पूरे झारखंड में फाइलेरिया से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में शामिल है. ऐसे में अभियान की सफलता के लिए प्रशासन, नगर निगम, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता अनिवार्य है , साथ ही लोगों को वर्ष में एक बार डीइसी व अल्बेंडाजॉल दवा का सेवन करना जरूरी है. जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सिविल सर्जन डॉ बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दिन 10 फरवरी को जिलेभर में बनाये गये 2628 फाइलेरिया बूथों पर डीइसी व अल्बेंडाजॉल दवा का सेवन कराया जायेगा. इसके बाद 11 फरवरी से 25 फरवरी तक प्रशिक्षित दवा प्रशासकों स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सहिया, सेविका, जल सहिया घर-घर जाकर दवा खिलाने का अभियान चलायेगी. दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं दी जायेगी. दवा को खाली पेट नहीं खाने की भी सख्त हिदायत दी. किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए त्वरित चिकित्सा दल का गठन किया गया. जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव एवं जिला भीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि जिले में कुल 17,24,797 लक्षित आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य है. इसके लिये 5650 दवा प्रशासक, 440 दवा पर्यवेक्षक, 71 प्रखंड स्तरीय पर्यवेक्षक, 70 मॉनिटर, 25 रैपिड रिस्पांस टीम व नौ कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं.
Deoghar news : 10 फरवरी से चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन महाअभियान, 17.24 लाख लोगों को खिलायी जायेगी दवा
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर एमडीए- 2026 को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय सभागार में डीसी की अध्यक्षता में बैठक हुई.
