देवघर से आशीष कुंदन की रिपोर्ट
मधुपुर : मधुपुर में फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को कैशबैक का झांसा देने और पीएम किसान योजना, बिजली बिल व आरटीओ चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने वाले साइबर गिरोह के चार आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. एसपी प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 16 सितंबर को मधुपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार किया. आरोपितों के पास से छह मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किये गये हैं.
ये चार आरोपित गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में मधुपुर थाना क्षेत्र के बियाही गड़हा गांव निवासी अनिश दास, गुनियासोल गांव निवासी दिनेश दास, सारठ थाना क्षेत्र के खरना गांव निवासी सुमेश महरा और जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी आजान टोला निवासी राहुल दास शामिल हैं.
बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी में संलिप्तता पायी गयी है. पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर जब्त मोबाइल नंबर और आईएमईआई नंबर को खंगाला, तो विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिलीं.
फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, आरोपित फर्जी गूगल पे, फोनपे और पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का झांसा देते थे. इसके अलावा फ्लिपकार्ट/अमेजन पे के कस्टमर केयर प्रतिनिधि और एयरटेल पेमेंट बैंक पदाधिकारी बनकर भी ठगी करने की बात सामने आयी है.
PM किसान से लेकर बिजली बिल तक का बहाना
आरोपित पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर लोगों को एपीके फाइल भेजते थे. पुलिस के अनुसार, इस फाइल के माध्यम से मोबाइल का एक्सेस हासिल कर ठगी की जाती थी.
पहले भी साइबर कांड में आरोपित रहा है सुमेश
गिरफ्तार आरोपित सुमेश महरा पूर्व में देवघर साइबर थाना कांड संख्या 102/24 में भी आरोपित रहा है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और बरामद मोबाइल व सिम की तकनीकी जांच के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है.
साइबर थाना की टीम ने की छापेमारी
छापेमारी टीम में साइबर थाना के एसआई संतोष कुमार मंडल और पुलिस बल शामिल थे. कार्रवाई में मधुपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार और मधुपुर थाना की टीम ने सहयोग किया.
