चितरा कोलियरी कोयला उत्पादन लक्ष्य से पिछड़ा, करोड़ों का नुकसान

चितरा कोलियरी कोयला उत्पादन के लक्ष्य से बहुत पीछे

चितरा. एसपी माइंस चितरा कोलियरी कोयला उत्पादन लक्ष्य से बहुत पीछे चल रही है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्त वर्ष 25-26 में चितरा कोलियरी को करोड़ों का नुकसान हो सकता है. मिली जानकारी के अनुसार 31 जनवरी तक चितरा कोलियरी 10 लाख टन कोयला उत्पादन किया गया है. हालांकि कोलियरी प्रबंधन के पास फरवरी और मार्च महीने का समय बचा हुआ है. अब देखने वाली बात होगी कि इन दो महीनों में कोलियरी प्रबंधन कितना अधिक कोयला उत्पादन कर पाती है. इस संबंध में कोलियरी के अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी ने बताया कि लास्ट जनवरी तक चितरा कोलियरी लगभग 10 लाख टन कोयला उत्पादन कर पाई है. जबकि 25 लाख टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था. उन्होंने कम कोयला उत्पादन होने का कारण जमीन अभाव होना बताया. कहा कि पर्याप्त जमीन नहीं रहने के कारण कोयला उत्पादन काफी कम हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा कि कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए कोलियरी के अधिकारी व कोयला कर्मी जीतोड़ मेहनत कर रही है. फरवरी और मार्च महीने में और कोयला कोयला उत्पादन किया जायेगा.

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