कैजुअल मजदूरों ने रोजगार की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

चितरा कोलियरी के खून खदान का मामला

चितरा. चितरा कोलियरी स्थित खून खदान के कोल डंप में कार्यरत कैजुअल मजदूरों को प्रतिदिन काम नहीं मिलने से काफी आक्रोशित हैं. प्रतिदिन रोजगार देने की मांग को लेकर मजदूरों ने कोलियरी प्रबंधन के विरुद्ध प्रदर्शन किया. मालूम हो कि दूर-दूर गांव से रोजगार के लिए चितरा कोलियरी पहुंचने वाले कैजुअल मजदूरों को लोडिंग का काम नहीं मिलने से निराश होकर वापस लौट जाते हैं. जिससे कैजुअल मजदूरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में खून कोल डंप में कार्यरत अड़खा लीडर निताय महतो, बलराम महतो, मुकेश महतो, मुन्ना महतो, मनोरंजन महतो, अशोक महतो समेत अन्य ने कहा कि कैजुअल मजदूरों को प्रतिदिन काम नहीं मिलने से वापस लौट जाते है. कहा कि कोयला लोडिंग के लिए देर से कोल डंप ट्रक पहुंचते हैं. इतना ही नहीं प्रत्येक दिन ज्यादा संख्या में ट्रकों का स्लिप नहीं कटने से सभी कैजुअल मजदूरों को काम नहीं मिल पाता है. साथ ही उन्होंने मांग की है कि खून खदान में कोयले का भंडार है. यहां प्रतिदिन 60- 70 ट्रैकों का स्लिप काटा जाना चाहिए. जिससे सभी मजदूरों का काम मिल सके. मौके पर बाबूधन मुर्मू, रवींद्र मुर्मु, नरेश कोल, बाबूधन हांसदा, महावीर दास, राजू राजवंशी, हीरा दास, बालेश्वर दास, भोलू दास, ओबी लाल सोरेन, जोहान मरांडी आदि मौजूद थे. ———————- खून खदान के कोल डंप में कार्यरत हैं, रोज काम नहीं मिलने से मजदूर चले जाते वापस

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