सारठ. प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में रमजान महीने के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुम्मा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गयी. इस अवसर पर अल्पसंख्यक समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला. बड़ी संख्या में नमाजी अपने-अपने आसपास की मस्जिदों में जुटे, जिससे मस्जिदें खचाखच भरी नजर आयीं. अलविदा जुम्मा के अवसर पर क्षेत्र के केचुवाबांक मस्जिद में मौलाना इंतखाब आलम ने अपने खुतबे में रमजान की फजीलत बयान करते हुए कहा कि रमजान की पहली रात को अल्लाह ताला अपनी मखलूक पर रहमत की नजर फरमाता है, और जिस बंदे पर उसकी नजर पड़ जाए, उसे कभी अजाब नहीं दिया जाता. उन्होंने बताया कि रमजान के दौरान हर दिन लाखों लोगों को जहन्नम से आजादी दी जाती है, और 29वीं रात को यह रहमत और भी बढ़ जाती है. उन्होंने आगे कहा कि जब ईद-उल-फित्र की रात आती है तो फरिश्ते खुशी मनाते हैं और अल्लाह ताला अपनी खास रहमत नाजिल कर बंदों को बख्श देता है. मस्जिदों में यह भी ऐलान किया गया कि रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को ईद की नमाज अदा की जायेगी. इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. वहीं चांद रात के मौके पर बाजारों में भी रौनक बढ़ गयी. लोग नये कपड़े, टोपी, इत्र और अन्य जरूरत के सामान की खरीदारी करते नजर आये. कुल मिलाकर पूरे क्षेत्र में ईद के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं. हाइलार्ट्स : सारठ के मस्जिदों में अदा की गयी अलविदा जुम्मे की नवाज
अलविदा जुम्मा पर मस्जिदों में उमड़ी अकीदमंदों की भीड़, ईद की तैयारियां तेज
सारठ के मस्जिदों में अदा की गयी अलविदा जुम्मे की नवाज
