बिना लाइसेंस खाद-बीज बिक्री पर होगी कार्रवाई : शशांक शेखर

सारठ के प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने खाद प्रतिष्ठानों का किया औचक निरीक्षण

सारठ. डीसी के निर्देश पर प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने शनिवार को प्रखंड के विभिन्न खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान बीएओ ने बताया कि जिन खाद-बीज विक्रेताओं के पास लाइसेंस नहीं है, उनके लिए अभी एक अवसर उपलब्ध है. ऐसे विक्रेता देवघर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, सुजानी से प्रशिक्षण प्राप्त कर आवश्यक लाइसेंस बनवा सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना लाइसेंस खाद एवं बीज की बिक्री करते पाये जाने पर उर्वरक नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि डीसी की अध्यक्षता में उर्वरकों की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में पहल की गयी है. इसी क्रम में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल से संबंधित जिला स्तरीय सभी उर्वरक विक्रेताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है. बीएओ ने बताया कि देवघर का चयन भारत सरकार द्वारा उर्वरक क्षेत्र में संचालित एक महत्वाकांक्षी पायलट परियोजना के लिए किया गया है. नयी व्यवस्था के तहत किसानों को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद खरीदनी होगी. इसके लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था लागू होने के शुरुआती दौर में किसानों और उर्वरक विक्रेताओं को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन भविष्य में इससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी. शशांक शेखर ने प्रखंड क्षेत्र के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस खाद, बीज या कीटनाशक की बिक्री कर रहा है तो इसकी सूचना प्रशासन को दें. उन्होंने दोहराया कि बिना वैध लाइसेंस के खाद, बीज एवं कीटनाशकों की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं की जा सकती. मौके पर दिलीप मंडल, सुकुल झा, प्रवीण राय, दिनेश मंडल, अरुण मंडल, आयुष्मान, पप्पू मंडल, घनश्याम मंडल, जितेश कुमार, शशि शेखर, बम शंकर कुमार, उमेश वर्मा, तारणी मंडल आदि मौजूद थे. — सारठ के प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने खाद प्रतिष्ठानों का किया औचक निरीक्षण विक्रेताओं को लाइसेंस बनाने का अंतिम मौका

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By Mithilesh sinha

2001 से प्रभात खबर से जुड़ कर जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे हैं. विकास, लोगों की समस्या, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बेहतर कवरेज करते रहे हैं.

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