मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र के भोक्ता चौरांट के हथियापाथर स्थित विनय चंद्र स्मारक ट्रस्ट परिसर में मधुपुर सौ साल बेमिसाल कार्यक्रम आयोजित कर शुक्रवार को पर्यावरणविद् विनय चंद्र सिंह के जीवन एवं विचारों पर आधारित पुस्तक ‘आखर प्रेम’ का विमोचन एसडीओ राजीव कुमार, सीओ यामुन रविदास, पूर्व मंत्री राज पलिवार, नप प्रशासक सुरेंद्र किस्कू, विधायक प्रतिनिधि शब्बीर हसन, समाजसेवी घनश्याम व डाॅ सुमन लता ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरणविद् व समाजसेवी जानकी सिंह की स्मृति में बनाये गये स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्य अलाउद्दीन अंसारी ने कहा कि यह पुस्तक “ढाई आखर प्रेम” के संदेश को समर्पित है. इसमें विनय चंद्र सिंह के जीवन संघर्ष, विचारों की गहराई और समाज के प्रति उनके सद्भाव को विस्तार से दर्शाया गया है. उन्होंने कहा कि विनय सिंह को जितना अपनी बुद्धि पर भरोसा था उतना ही अपने श्रम और विवेक पर भी विश्वास था. आज वे हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके आदर्श और कर्म हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे. वहीं, पूर्व मंत्री राज पलिवार ने कहा कि विनय सिंह केवल सेना में ही नहीं रहे, बल्कि उन्होंने जीवनभर जल, जंगल, जमीन बचाने के लिए आंदोलन चलाया. यही कारण है कि आज मधुपुर हरियाली से सराबोर है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गई 8 एकड़ पथरीली जमीन पर उन्होंने अपने सहयोगी चाची जानकी सिंह के साथ कड़ी मेहनत कर उसे हरा-भरा बागीचा बना दिया. यही वजह है कि लोग आज उस जगह को “प्रकृति का मंदिर” कहकर देखने आते है. वे भले आज हमारे बीच नहीं हैं. पर उनके द्वारा बोये गये विचार और आदर्श हमें हमेशा सही राह दिखाते रहेंगे. मौके पर पूर्व प्रमुख सुबल प्रसाद सिहं, समाजसेवी अरविंद तिवारी, अबू तालिब अंसारी, हेमंत नारायण सिंह, महेश मिश्रा, शबाना परवीन, गुड्डू दुबे, अख्तर हसनैन कादरी, जीशान अख्तर, सलमा सितारा, सिकंदर आलम, मो श्याम अंसारी, अरशद मधुपुरी, महबूब आलम, गुंशी सोरेन, लुकमान अंसारी, शमशेर आलम, कुंदन भगत, सिकंदर आलम, अरुण निर्झर आदि मौजूद थे.
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