हाथियों का खौफ. घरों के बाहर मशाल जलाकर रतजगा कर रहे पुरुष
मधुपुर : जंगली हाथियों के डर से आदिवासी बाहुल गांव चोरकट्टा में महिलाओं व बच्चों ने दिन भर उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय की छत पर शरण लेकर रखा है. ग्रामीणों को सुबह जैसे ही पता चला कि बाबूलाल सोरेन के घर को तोड़ दिया है और बच्चे बाल-बाल बचे तो पूरे गांव के आदिवासियों ने महिलाओं व बच्चों को एक जगह जमा कर विद्यालय के छत पर चढ़ा दिया. हालांकि भवन के छत पर चढ़ने के लिए सीढ़ी नहीं थी.
लोगों ने एक दूसरे की मदद से सभी काे छत पर चढ़ाया. गांव के पुरूष अपने घर के बाहर जगह-जगह आग जला कर निगरानी कर रहे हैं. कई लोगों ने मशाला भी जला कर रखा है. हथिनी ने दिया बच्चे को जन्म झुंड में आया नया मेहमान, हाथियों ने जमाया डेरा
पत्थरबाजी के कारण उग्र हुए लोग
शनिवार को हाथियों के झुंड पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी कर दी. जिस कारण हाथियों नेे उन्हें खदेड़ा और एक की जान ले ली. लाल कपड़े पहने हुए लोगों का ही ज्यादातर हाथी पीछा करते देखा गये. हाथियों के झुंड में छोटे-छोटे बच्चे होने की वजह से वे अधिक दूरी तय नहीं कर पा रहे है.
घर का एकमात्र कमाउ सदस्य था मजीद
मजीद अंसारी घर का एक मात्र कमाउ सदस्य था. मजदूरी करके ही अपने परिवार का भरण पोषण करता था. उसकी तीन बेटियां व एक बेटा है. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के सभी सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है. जानकारी मिलने पर मारगोमुंडा थाना प्रभारी पीसी सिन्हा स्थल पर पहुंचे.
श्रम मंत्री भी मौके पर पहुंचे, ली जानकारी
हाथियों के झुंड की सूचना पाकर प्रदेश के श्रम नियोजन मंत्री राज पलिवार भी चोरकट्टा गांव पहुंचे. उन्होंने क्षतिग्रस्त घरों की जानकारी ली. वन विभाग के पदाधिकारियों से भी हाथियों को सकुशल जंगल की ओर भेजने के निर्देश दिये ताकि कोई हताहत नहीं हो. हाथियों द्वारा कुचले गये दुधानी के मजीद अंसारी व घायल पत्रकार भोला तिवारी के संबंध में भी ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की. श्रम मंत्री ने हरसंभव मदद का भी आश्वासन दिया.
