ससुरालवालों ने किया प्रताड़ित, पति को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

पालोजोरी: पालोजोरी के बरमसिया गांव निवासी निवारण चन्द्र दां की बेटी संगीता चार को पिछले दो सालों से ससुराल में बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था. संगीता के अनुसार दो सालों से उसके पति सहित ससुराल के अन्य लोग उसे बर्बरतापूर्ण तरीके से प्रताड़ित करते थे. उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता […]

पालोजोरी: पालोजोरी के बरमसिया गांव निवासी निवारण चन्द्र दां की बेटी संगीता चार को पिछले दो सालों से ससुराल में बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था. संगीता के अनुसार दो सालों से उसके पति सहित ससुराल के अन्य लोग उसे बर्बरतापूर्ण तरीके से प्रताड़ित करते थे. उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था. बुधवार की संध्या अपने पिता व परिजनों के साथ पालोजोरी थाना पहुंचकर संगीता ने पुलिस पदाधिकारियों को अपना दुखड़ा सुनाने के साथ-साथ शरीर के जख्म भी दिखाए. संगीता के साथ उसके पिता निवारण चन्द्र दां सहित अन्य परिजन व ग्रामीण भी थाना पहुंचे थे.

संगीता ने बताया कि उसकी शादी 2013 में पश्चिम बंगाल के गिरमिट निवासी संजय चार के साथ हुई थी. कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा. बाद में पति ने अपने घरवालों के साथ मिलकर मोटरसाइकिल, आलमीरा व नगद पैसे की मांग करते हुए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. उसके साथ काफी बर्बर तरीके से मारपीट भी किया जाता था. जब-तब उसे जलती सिगरेट व गर्म सलाखों से दागा जाता था. सिगरेट से जलने के कारण उसके पूरे शरीर में जख्म का निशान बन गया है.

लगभग 8 माह पूर्व उसने एक पुत्री को जन्म दिया. जिसके बाद से ससुराल वालों की प्रताड़ना और भी बढ़ गयी. उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था. घर के सदस्यों का जूठन खाकर वह किसी तरह से जिंदा रही. उसने यह भी बताया कि घर में शौचालय रहने के बावजूद उसे उसका उपयोग नहीं करने दिया जाता था. संगीता के अनुसार सुसराल में उसका पति संजय चार, भैंसुर उत्तम चार, सास बासंती चार, ननद नोमिता मित्र, भगनी सोनाई मित्र, ननदोई विवेक मित्र सभी लोग मिल कर उसे तंग तबाह करते थे. इसके अलावे उसे मानसिक व शाररीक रूप से हमेशा प्रताड़ित किया जाता था.

वहीं बुधवार 10 मई को उसका पति संजय चार उसे जबरन बाइक पर बिठा कर बरमसिया गांव में उतारकर भाग रहा था. इस दौरान ग्रामीणों ने बाइक से पीछा कर संजय को पकड़ा और उसे बंधक बना लिया. संगीता ने पालोजोरी के केजीबी विद्यालय से 2010 में मैट्रिक परीक्षा पास किया है.

संगीता का पति संजय चार एमआर का काम करता है. उसके पिता निवारण के अनुसार उसकी बेटी की इस हालत का जिम्मेवार उसका पति सहित ससुराल के लोग हैं. पिता ने बताया कि पूर्व में भी उसकी पुत्री के साथ मारपीट के मामले को लेकर पंचायती भी हुई है. वे लोग काफी गरीब परिवार से हैं. इसलिए किसी तरह बेटी का घर बस जाए इसी सोच के साथ अब तक कोई कार्रवाई नहीं किया था. वहीं समाचार भेजे जाने तक प्राथमिकी की प्रकिया चल रही थी. बरमसिया गांव में संजय व उसके बाइक को लोगों ने अपने कब्जे में किया हुआ है.

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