सारठ.पेयजलापूर्ति व्यवस्था दस दिनों से ठप, अधिकारी-जनप्रतििनधि मौन
फिल्टरेशन प्लांट मे गंदगी का अंबार
महीनों से टंकी की नहीं हुई सफाई
फिलटरेशन प्लांट में लटका ताला
पीएचइडी सारठ की समस्या से बेखबर
सारठ : एक तरफ सरकार कहती है कि कहीं भी पेयजल की किल्लत नहीं होने दी जायेगी. वहीं सारठ प्रखंड में पिछले दस दिनों से जलापूर्ति व्यवस्था ठप है. एक तरफ लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं. पानी के लिए कई जगह मारपीट की नौबत आ रही है वहीं जलापूर्ति के लिए बनाये गये फिल्टरेशन प्लांट की टंकी में हजारों लीटर पानी रखे-रखे दूषित हो गया. पानी में अब कीड़े-मकौड़े तैर रहे हैं. जिसे देखकर ही लगता है कि फिल्टरेशन प्लांट की नियमित सफाई नहीं होती.
पेयजलापूर्ति के लिए विभाग ने ग्राम स्तर पर मुखिया की अध्यक्षता में गठित समिति कि सक्रियता नहीं रहने के कारण पेयजलापूर्ति सारठ में बाधित है. सफाई नहीं होती है. पानी चलाने के लिए दो स्थानीय फोगल माली एंव रामा को रखा गया था. कर्मियों ने बताया कि जल मीनार का मोटर सही रूप से काम नहीं करता है, पैसा नहीं मिलता है. पानी कैसे सप्लाई करेंगे. दोनों कामगारों ने भी हाथ खड़ा कर प्लांट में ताला लगा कर चाबी दूसरे को दिया है. नदी का पानी सूखा हुआ है. चापानल सही रूप से नहीं चलता है. जिससे सारठ मेन चौक, कोयरी टोला, मुसलिम टोला, मुसहर टोला, वाउरी टोला, मजार के पास पानी के लिए मारामारी हो रही है. पीएचइडी के पदाधिकारी भी लोगों की प्यास बुझाने के लिए मिली जवाबदेही से भाग रहे हैं. ग्रामीण अपनी समस्या सुनायें तो किसे सुनायें. पदाधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने हुए हैं.
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