सुलभ शौचालय से नहीं मिल रहा अधिवक्ताओं को लाभ

मधुपुर : कचहरी परिसर में लाखो की लागत से जनवरी 2009 में सुलभ शौचालय व स्नानगार का उदघाटन पूर्व नप अध्यक्ष फैयाज कैशर द्वारा गया था. उक्त शौचालय इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन द्वारा बनवाया गया था. उदघाटन के कुछ दिन बाद से ही शुलभ शौचालय में ताला लटका हुआ है. अधिवक्ताओं ने बताया कि जिस […]

मधुपुर : कचहरी परिसर में लाखो की लागत से जनवरी 2009 में सुलभ शौचालय व स्नानगार का उदघाटन पूर्व नप अध्यक्ष फैयाज कैशर द्वारा गया था. उक्त शौचालय इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन द्वारा बनवाया गया था. उदघाटन के कुछ दिन बाद से ही शुलभ शौचालय में ताला लटका हुआ है. अधिवक्ताओं ने बताया कि जिस उद्देश्य से शौचालय का निर्माण कराया गया था. वह नगर पर्षद की उदासीनता के कारण पूरा नहीं हो पा रहा.

सुलभ शौचालय में ताला बंद रहने से अधिवक्ता समेत कोर्ट आने-जाने वाले मुवक्किलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. खास कर महिला अधिवक्ता को सबसे अधिक परेशानी होती है. शौचालय बंद रहने के कारण जहां तहां शौच का इस्तेमाल किये जाने से कोर्ट परिसर में गंदगी फैल गया है, दुर्गंध से लोग परेशान हैं.

उदघाटन के कुछ दिनों तक बिजली व पानी के समस्या के कारण शौचालय बंद हुआ. लेकिन वर्तमान में बिजली का कनेक्शन व पानी की उपलब्धता के बाद भी शौचालय बंद रहता है.
कहते हैं अधिवक्ता संघ सचिव
संघ के सचिव श्याम सुंदर भैया ने बताया कि अधिवक्ता संघ द्वारा शौचालय निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराया गया था. लेकिन नप के उदासिनता के कारण शौचालय बंद रहता है. जिस कारण महिला अधिवक्ता को सबसे अधिक परेशानी होती है. कहा कि नगर पर्षद द्वारा संचालित हो रहा है. अगर नगर पर्षद संचालन करने में असमर्थ है तो संघ को शौचालय सुपुर्द कर दे.
कहते हैं नप अध्यक्ष
नप अध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया है कि सुलभ शौचालय को बार एसोसिएशन को सुपुर्द कर दिया जायेगा.

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