जच्चा-बच्चा मौत मामले में जांच की अवधि बढ़ी
देवघर : सदर अस्पताल में 30 अप्रैल की रात में हुई जच्चा-बच्चा की मौत मामले की जांच करने वाली कमेटी अब एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ एससी झा ने बताया कि, घटना बहुत दुखद अौर निंदनीय है. घटना के बावत डीएस ने जहां अॉन डयूटी महिला चिकित्सक समेत मूर्छक अौर चार एएनएम से शो-कॉज किया है. वहीं तीन सदस्यीय चिकित्सकों की कमेटी बनाकर पहले तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा था. मगर कमेटी में शामिल एक चिकित्सक के तीन दिनों तक आवश्यक छुट्टी पर रहने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी है. अब जब वो चिकित्सक आ गये हैं तो जांच की प्रक्रिया तेज होगी. इसके लिए समय सीमा चार दिनों के लिए बढ़ा दी गयी है. ताकि एक बार सही रिपोर्ट आ जाये तो उसे विभागीय मुख्यालय के पास भेजा सके.
मामले की जांच के लिये डीएस द्वारा गठित जांच कमिटी में डॉ बीपी सिंह सहित डॉ सुषमा वर्मा व डॉ एनएल पंडित को रखा गया है. उक्त कार्रवाई मृतक परिजनों द्वारा लगाये गये आरोप के मद्देनजर डीएस ने की है. मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि इलाज के अभाव में रानीकोठी मुहल्ला निवासी शंभू राय की पत्नी अंजू राय व उसके नवजात की मौत हो गयी. उल्लेखनीय है कि परिजनों के इस आरोप को आधार बनाते हुए स्पष्टीकरण में डीएस ने कहा है कि क्यों नहीं संबंधित लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी जाय. ऐसे में डॉक्टरों को जांच के लिए कुछ अौर दिन मोहलत दी गयी है. सीएस ने कहा कि जो भी मामले में दोषी होंगे, उस पर कार्रवाई अवश्य होगी. मौके पर डॉ सुनील सिन्हा, अस्पताल प्रबंधक चंद्रशेखर आदि मौजूद थे.
