चितरा : एसपी माईंस चितरा कोलियरी स्थित वर्कशॉप के मुख्य द्वार पर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोरचा के तत्वावधान में सीटू सचिव रामदेव सिंह की अध्यक्षता में गेट मीटिंग आयोजित कर कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया गया. यूनियन प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से कहा कि अगर कोलियरी प्रंबधन मजदूरों को जरूरत की सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराती है
तो हम मजदूर लड़कर अपना अधिकार लेंगे. एटक नेता पशुपति कोल, इंटक सचिव योगेश राय, एचएमएस सचिव राजेश राय, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन सचिव कृष्णा सिंह, मजदूर नेता सरयू मंडल आदि ने कहा कि आगामी एक मई से मजदूरों के बीच संडे का बंटवारा होने वाला है. इसे रोकने के लिए हम मजदूरों को लड़ाई लड़ने की जरूरत है. कोलियरी प्रबंधन का कहना है कि कोलियरी घाटे में चल रही है. जबकि चितरा कोलियरी से जामताड़ा रेलवे साइडिंग कोयला भेजा जाता है. उसमें भारी मात्रा में पत्थर मिलाया जाता है. कोयले की गुणवत्ता खराब होने पर कोयला का रेट कम लिया जाता है.
कहा कि पूर्व में एक टन कोयला का रेट प्रतिटन 2400 रुपये मिलता था. जबकि अब कोयला की गुणवत्ता खराब होने पर मात्र 1400 रुपये प्रति टन दिया जाता है. इससे कोलियरी को प्रतिदिन लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है. कहा कि गर्मी का समय रहने के बावजूद प्रबंधन द्वारा कोलियरी के यूनिटों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. सभी मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि यह मजदूरों के हक की लड़ाई है. इसके लिए सभी को साथ देने की आवश्यकता है. अगर मजदूरों की मांगों को जल्द नहीं पूरा किया गया तो हम सभी मजदूर हड़ताल करने को बाध्य होंगे. इस मौके पर सचिन राय, होपना मरांडी, राजेन्द्र मंडल, प्रेम पांडेय, श्याम सुन्दर तिवारी, अशोक भोक्ता, संजय शर्मा, आजाद अंसारी, परशुराम तांती, जोतिन राणा समेत अन्य उपस्थित थे.
