अभिभावक अपने बच्चों को नैतिक, सामाजिक व व्यवसायिक शिक्षा दिलाने के प्रति सतत प्रयत्नशील रहें, केवल स्कूल में नामांकन करा देने से उनका दायित्व समाप्त नहीं हो जाता. स्कूल ड्रेस बच्चों की पहचान है. इस अवसर पर मुखिया सुजाता देवी, शिक्षक विनय कुमार, देवनरायण प्रसाद आदि के साथ स्कूल के बच्चे व अभिभावक उपस्थित थे.
अधिकारियों व शिक्षकों की अनदेखी से शिक्षा की गुणवत्ता हो रही खराब
सारवां: पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध कराने के बाद भी सरकारी विद्यालयों की अपेक्षा निजी विद्यालयों के छात्रों के पढ़ाई, खेलकूद व अन्य गतिविधियों में आगे रहने की वजह अधिकारियों व शिक्षकों की अनदेखी है. ये बातें विधायक बादल ने उमवि लोहारडीह में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पोशाक वितरण समारोह में कही. […]

सारवां: पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध कराने के बाद भी सरकारी विद्यालयों की अपेक्षा निजी विद्यालयों के छात्रों के पढ़ाई, खेलकूद व अन्य गतिविधियों में आगे रहने की वजह अधिकारियों व शिक्षकों की अनदेखी है. ये बातें विधायक बादल ने उमवि लोहारडीह में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पोशाक वितरण समारोह में कही.
उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से सुदूर देहात के बच्चे उच्च व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते. जिसका असर है कि गांवों में बेरोजगार युवाओं की फौज खड़ी हो रही है. युवा इस लायक भी नहीं बन पा रहे हैं कि किसी प्रतियोगिता परीक्षा में चाह कर भी भाग नहीं ले सकें.