अबतक चालू नहीं हुआ मेगा ब्लड बैंक

देवघर : देवघर सहित आसपास के जिलों व बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग आमतौर पर इलाज के लिए देवघर पहुंचते हैं. इस वजह से देवघर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. ऐसे में यहां मेगा ब्लड बैंक की कमी हमेशा खलती है. वह भी तब जब इसके लिए बकायदा भवन का निर्माण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 17, 2016 8:28 AM
देवघर : देवघर सहित आसपास के जिलों व बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग आमतौर पर इलाज के लिए देवघर पहुंचते हैं. इस वजह से देवघर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. ऐसे में यहां मेगा ब्लड बैंक की कमी हमेशा खलती है. वह भी तब जब इसके लिए बकायदा भवन का निर्माण कराया जा चुका है. यह योजना विभागीय उदासीनता की शिकार बनी हुई है.
पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के सांसद निधि 97.78 लाख की लागत से कुष्ठाश्रम अस्पताल परिसर में मेगा रक्त अधिकोष भवन निर्माण कई वर्ष पूर्व किया था, लेकिन अब तक उसे चालू नहीं कराया जा सका है. अगर उक्त रक्त अधिकोष को चालू कराया गया होता तो उसका लाभ लोगों को मिलता. विभागीय जानकारों की मानें तो जमशेदपुर के ब्लड बैंक की तर्ज पर उक्त ब्लड बैंक को विकसित किये जाने की योजना थी. वहां सेपरेटर मशीन से ब्लड कंपोनेट भी किया जाता. इससे ब्लड बरबाद नहीं होता. जिसे जो जरूरत होता वे प्राप्त करते. बताते चलें कि ब्लड कंपोनेट से प्लाज्मा, प्लेटलेट व क्रायो को अलग-अलग किया जाता है.
इससे मरीज को जो जरुरत होता वे ले सकते थे. उक्त ब्लड बैंक को चालू करने के लिए उस वक्त राज्य सरकार से भी 10 लाख रुपये का आवंटन मिला था. उसी राशि से करीब साढ़े छह लाख रुपये का एसी, फर्नीचर आदि क्रय उस वक्त किया गया था. इस बाबत स्थानीय एक युवक द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम से मांगी गयी सूचना में खुलासा हुआ था कि उक्त सामान क्रय में भी नियम को ताक पर रखा गया था. अगर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाये तो बड़ी गड़बड़ी उजागर हो सकती है.
क्या कहते हैं सीएस
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ एससी झा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हाल ही में जिले में योगदान दिये हैं. मामले की जानकारी लेंगे और अग्रेतर कार्रवाई करेंगे. पहले सदर अस्पताल में चल रहे ब्लड बैंक में रक्त की कमी दूर कराने का प्रयास करेंगे. इसके बाद नया सदर अस्पताल शिफ्ट होने पर नये ब्लड बैंक को शुरू करायेंगे.