मन को वश में करने वाले ही सुखी
देवघर: देवघर कॉलेज परिसर में चल रहे तीन दिवसीय महाधिवेशन के अंतिम दिन स्वामी व्यासानंद महाराज ने प्रवचन में लोगों को भजन ध्यान में रमने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मन रुपी नाग को वश में करनेवाले ही वास्तविक रूप में सुखी हैं. संत की तरह सुखी होने के लिए दृढ़ संकल्पवान बने. जब […]
देवघर: देवघर कॉलेज परिसर में चल रहे तीन दिवसीय महाधिवेशन के अंतिम दिन स्वामी व्यासानंद महाराज ने प्रवचन में लोगों को भजन ध्यान में रमने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मन रुपी नाग को वश में करनेवाले ही वास्तविक रूप में सुखी हैं.
संत की तरह सुखी होने के लिए दृढ़ संकल्पवान बने. जब पुत्री की शादी कर ली और पुत्र गृहस्थी संभालने में सक्षम हो तो चाभी फेंको, माला पकड़ो का संदेश दिया. स्वामी व्यासानंद ने सोमवार को शाम साढ़े पांच बजे महाधिवेशन के समापन की विधिवत घोषणा की. इसमें तीन दिनों तक ईश स्तुति, संत-स्तुति, भजन, गुरु वंदना, दीक्षा समारोह, प्रवचन आदि का आयोजन किया गया. इससे पूरा शहर भक्तमय बना रहा.
देश-विदेश से पहुंचे थे भक्त
प्रवचन सुनने के लिए देश-विदेश से हजारों भक्त शामिल हुए तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया. इस अवसर पर अमेरिका की रश्मि सुमन, वीणा हावर्ड, नेपाल के विश्वनाथ तोदी, बजरंग लाल, दिल्ली की प्रमोद सिंह शौकिन, डा संजय सिंह, मोनू, लाल बिहारी, मुम्बई के अशोक सिंह, बैंगलुरु के प्रदीप कुमार, पंजाब के केवल जिंदल, जयपुर के पवन अग्रवाल, भुवनेश्वर के अनिल कुमार, मुरादाबाद के अजीत त्रिवेदी, सौरभ त्रिवेदी, देहरादून के सूरत सिंह, भागलपुर के वेद प्रकाश सिंह कुशवाहा, चिरंजीव यादव, आनंद प्रसाद यादव, निवास सिंह, सुनील राय, ब्रह्मदेव, पूर्णियां के रमन सिंह, सहरसा के दिनेश सिंह, कटिहार के कैलाश चौधरी, देवघर के शिवनंदन, प्रकाश कुमार, रांची के फतेहचंद अग्रवाल, सुनील मिश्र मुखिया आदि ने मौजूद थे.
