खुलासा: पथलचपटी के पास मिले शव की हुई पहचान

देवघर: जसीडीह थाना अंतर्गत रोहिणी-सत्संग रोड में पथलचपटी के समीप से बरामद लाश की पहचान धनबाद जिला के फारवर्ड ब्लॉक के पूर्व प्रवक्ता असित पांडेय (42) के रुप में की गयी है. मृतक की पहचान फारवर्ड ब्लॉक की नेता सह पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता सहित अन्य ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच कर की है. साथ में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 16, 2013 9:12 AM

देवघर: जसीडीह थाना अंतर्गत रोहिणी-सत्संग रोड में पथलचपटी के समीप से बरामद लाश की पहचान धनबाद जिला के फारवर्ड ब्लॉक के पूर्व प्रवक्ता असित पांडेय (42) के रुप में की गयी है. मृतक की पहचान फारवर्ड ब्लॉक की नेता सह पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता सहित अन्य ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच कर की है. साथ में मृतक के साला आशीष तिवारी सहित पार्टी के प्रांतीय महासचिव जनार्दन पांडेय, गोतम सेनगुप्ता, निरसा के श्यामल रूद्रा, मुरारी लाल वर्णवाल, अन्य संबंधी व फारवर्ड ब्लॉक के नेता कार्यकर्ता भी थे. सभी ने असित की हत्या की बात कहते हुए पुलिस से मामले का परदाफाश कर दोषी को गिरफ्तार करने की मांग की है.

सारठ के कजरी गांव के थे असित
असित पांडेय सारठ थाना क्षेत्र के कजरी गांव के रहने वाले हैं तथा वर्तमान में वे अपने परिवार सहित सिंदरी कॉलोनी, निरसा में रह रहे थे. उनके पिता गजाधर पांडेय इसीएल में नौकरी करते थे, तभी से उनका परिवार निरसा में ही रह रहा था.

13 को सुबह निकले थे घर से
घर से असित हर दिन की तरह 13 नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे सिंदरी कॉलोनी निरसा से अपनी बाइक से निकले थे. 10 बजे मित्र श्यामल रूद्रा के घर पर गये थे. पुन: 12:30 बजे फोन पर उसे बताया था कि चिरकुंडा में हैं.

करीब दो बजे निरसा के ही फाब्ला कार्यकर्ता भरत बाउरी से बात हुई थी. उसे एमपीएल (मैथन पावर लिमिटेड) में होने की बात कही थी. इस दौरान उसकी बाइक निरसा के ही एक पान दुकान में खड़ी थी. रात्रि साढ़े साम बजे उक्त दुकानदार ने असित को फोन लगाया था किंतु मोबाइल स्वीच ऑफ मिला था. दुकानदार के अनुसार बाइक खड़ी कर उसने आधे घंटे में लौटने की बात कही थी.

14 की शाम में निरसा थाने में दी गयी थी लापता की सूचना दूसरे दिन दोपहर करीब दो बजे असित के छोटे भाई अचिंद्र पांडेय की पत्नी ने पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता को घर नहीं लौटने की जानकारी दी थी. इसके बाद शाम में पांच बजे वे सभी के साथ निरसा थाने पहुंची और असित की फोटो के साथ लापता की शिकायत दर्ज करायी. इसके बाद बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के सभी थाने में वायरलेस भी कराया गया था. शुक्रवार सुबह अखबार में खबर पढ़ कर सभी को घटना की जानकारी हुई.

बाइक से ही चलता था, ट्रेन-बस से नहीं
साथ में आये असित के साले आशीष तिवारी व उनके साढ़ ने कहा कि असित को घर आना होता था तो वे बाइक से ही आते थे. कभी ट्रेन व बस से नहीं आते थे. वे मफलर भी नहीं रखते थे. फिर उनके गले में मफलर कहां से आया, यह जांच का विषय है. पुलिस उनके हत्यारों को अविलंब पहचान कर गिरफ्तार करे.

गला दबा कर की गयी है हत्या
असित की लाश का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल के डॉक्टर सुनील सिंह ने किया था. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के अनुसार उसकी हत्या गला दबने से हुई है. इसके अलावे नाक के पास हल्की इंज्यूरी थी और पूरे शरीर में कहीं कुछ नहीं था.