संजीत मंडल,देवघर. श्रावणी मेला-2026 की अंतिम सोमवारी की रात देवघर में तकनीक और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला. शिवलोक परिसर से 550 ड्रोन ने एक साथ उड़ान भरकर आसमान को विशाल डिजिटल स्क्रीन में बदल दिया. सोमवार रात करीब 7:30 बजे शुरू हुआ ड्रोन शो करीब 15 मिनट तक चला. इस दौरान ड्रोन की रोशनी से आसमान में शिव महिमा, बाबा बैद्यनाथ मंदिर और सनातन संस्कृति से जुड़ी आकर्षक आकृतियां उकेरी गयीं.
550 ड्रोन ने एक साथ भरी उड़ान, जगमगा उठा आसमान
ड्रोन शो से पहले 550 ड्रोन को शिवलोक परिसर के स्टेडियम में एक साथ व्यवस्थित कर रखा गया था. निर्धारित समय पर सभी ड्रोन ने एक साथ उड़ान भरी तो उनकी रोशनी से आसमान जगमगा उठा.
अलग-अलग ड्रोन के बीच सटीक तालमेल के साथ कुछ ही सेकेंड में आसमान पर अलग-अलग आकृतियां और दृश्य उभरने लगे. आधुनिक तकनीक के इस अनूठे प्रदर्शन को देखने के लिए शिवलोक परिसर के साथ आसपास के इलाकों में भी लोग जुटे रहे.
13 एक्सपर्ट ने संभाली ड्रोन शो की तकनीकी कमान
ड्रोन शो के संचालन की जिम्मेदारी टीम लीडर अनुराग पांडेय के नेतृत्व में 13 एक्सपर्ट की टीम ने संभाली. टीम ने 550 ड्रोन की उड़ान, रोशनी और आसमान में बनने वाली आकृतियों के बीच सटीक समन्वय स्थापित किया.
करीब 15 मिनट के शो में अलग-अलग क्रम में शिव महिमा के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों से जुड़े दृश्य प्रदर्शित किये गये. आसमान में एक साथ सैकड़ों ड्रोन की रोशनी से बनती आकृतियां लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रहीं.
पांच किमी के दायरे में दिखा आसमान का नजारा
ड्रोन शो की खासियत रही कि शिवलोक परिसर से करीब पांच किलोमीटर के दायरे तक आसमान में बन रही आकृतियां दिखाई दीं. इस कारण आयोजन केवल शिवलोक परिसर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाबा नगरी के बड़े हिस्से में श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया.
ड्रोन की रोशनी से आसमान में उभरती शिव महिमा और बाबा बैद्यनाथ मंदिर की आकृतियों ने श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित किया. कई लोगों ने इस अनूठे नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद किया.
आस्था के साथ तकनीक का नया अनुभव
ड्रोन शो के दौरान डीसी सौरभ कुमार भुवानिया समेत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. प्रशासन के अनुसार, श्रावणी मेला में आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं को नए और यादगार अनुभव देने की पहल के तहत इस ड्रोन शो का आयोजन किया गया.
अंतिम सोमवारी की रात आयोजित इस शो ने श्रावणी मेले के धार्मिक माहौल में तकनीक का नया रंग जोड़ दिया और बाबा नगरी पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव छोड़ गया.
