देवघर: मनरेगा घोटाले में देवघर हमेशा चर्चा में रहा है. इसमें मोहनपुर प्रखंड सबसे आगे है. मोहनपुर में मनरेगा में हुई गड़बड़ी में दो बीडीओ बीडीओ तक फंस चुके हैं. इसमें मोहनपुर के बीडीओ ललन कुमार समेत दो दर्जन लोगों पर एक साथ तत्कालीन डीसी मस्तराम मीणा के निर्देश प्राथमिकी दर्ज हुई थी. जबकि तत्कालीन बीडीओ डा ज्योति कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा की गयी थी.
निलंबन के बजाय बनाये गये दंडाधिकारी
मनरेगा में गड़बड़ी के मामले में राज्य सरकार ने डा ज्योति कुमार सिंह को निलंबन करने के बजाय प्रोन्नति दे डाली. मोहनपुर से स्थानांतरण के बाद डा ज्योति कुमार सिंह देवघर में कार्यपालक दंडाधिकारी के रुप में नियुक्त हुए. इस दौरान वे मधुपुर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर भी रहे.
सारठ व करौं बीडीओ पर भी गिरी थी गाज
करौं में मनरेगा में भारी गड़बड़ी मिली थी. करौं के बीडीओ राजेश कुमार सिंह पर प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी, इसके बाद सारठ में भी मनरेगा में गड़बड़ी मिलने पर बीडीओ रामनारायण सिंह पर विभागीय कार्रवाई हुई थी. देवघर में मनरेगा घोटाला हमेशा सुर्खियों में रहा है.
