जनप्रतिनिधियों को नहीं है जनता के हितों का ख्याल

– संपूर्ण बोर्ड की बैठक में लिये जाने वाला प्रस्ताव भी नहीं उतरता है धरातल पर- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन कार्यक्रम के नाम पर हो रहा है खानापूर्ति- जनता के सवाल पर चुप हैं जनप्रतिनिधिसंवाददाता, देवघरदेवघर नगर निगम का गठन हुए पांच वर्ष पूरा होने को है. जनता ने उम्मीदों के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 28, 2015 10:03 PM

– संपूर्ण बोर्ड की बैठक में लिये जाने वाला प्रस्ताव भी नहीं उतरता है धरातल पर- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन कार्यक्रम के नाम पर हो रहा है खानापूर्ति- जनता के सवाल पर चुप हैं जनप्रतिनिधिसंवाददाता, देवघरदेवघर नगर निगम का गठन हुए पांच वर्ष पूरा होने को है. जनता ने उम्मीदों के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना. लेकिन, जनप्रतिनिधि जनता के उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहे हैं. विभिन्न वार्ड क्षेत्रों में जर्जर सड़क, पुख्ता रोशनी, जलापूर्ति व्यवस्था, जीर्ण-शीर्ण नाला एवं कूड़ा-कचरा से लोग पहले से ही परेशान हैं. ऊपर से राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत बेरोजगारों कौशल प्रशिक्षण देकर आत्म निर्भर बनाना था. लेकिन, भारत सरकार का यह कार्यक्रम भी धरातल पर सही-सही नहीं उतर पाया. नतीजा आज विभिन्न वार्डों के बेरोजगार नगर निगम की ओर टकटकी लगाये हुए है. जिन्हें कौशल प्रशिक्षण मिला उन्हें भी रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया. बेरोजगारों ने इसके लिए कई दफा अपने-अपने वार्ड के पार्षदों से लेकर नगर निगम प्रशासन तक से गुहार लगाया. लेकिन, बेरोजगारों के प्रति किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाया है. नगर निगम चुनाव का एक टर्म पूरा होने वाला है. नगर निगम चुनाव के वक्त आमजनता से वोट हासिल करने वाले जनप्रतिनिधि जनता के सवालों पर आखिर क्यों चुप्पी साधे रहते हैं. जनता के हक में आगे आने से कतराते रहते हैं. यह सवाल आज भी समाज के समक्ष यक्ष बना हुआ है. यह तो सिर्फ बानगी भर है. पूरे पांच वर्ष के दौरान संपूर्ण बोर्ड की बैठक में लिये गये अधिकांश प्रस्ताव पर निगम ने एक कदम भी नहीं बढ़ाया है. लेकिन, हर बोर्ड की बैठक में वार्ड पार्षदों सिर्फ गत बैठक की संपुष्टि पर सहमति जता देते हैं.