हिंदी विद्यापीठ पर शिक्षाविद का बयान
फोटो संजीव में नाम से री नेम है.पंडित शिवराम झा के द्वारा संस्थापित हिंदी विद्यापीठ की व्यवस्था में काफी गिरावट आई है. विद्यापीठ के डिग्रियों पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. वर्तमान में हिंदी के प्रचार प्रसार के पैसों का अन्य भाषाओं पर खर्च हो रहा है जो की काफी चिंताजनक है. इसके स्तर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
March 19, 2015 10:03 PM
फोटो संजीव में नाम से री नेम है.पंडित शिवराम झा के द्वारा संस्थापित हिंदी विद्यापीठ की व्यवस्था में काफी गिरावट आई है. विद्यापीठ के डिग्रियों पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. वर्तमान में हिंदी के प्रचार प्रसार के पैसों का अन्य भाषाओं पर खर्च हो रहा है जो की काफी चिंताजनक है. इसके स्तर में सुधार कर इसकी गरिमा को बचाया जा सकता है.प्रोफेसर तारा चरण खवाड़े……………………………जिस उद्देश्य के लिये विद्यापीठ की स्थापना हुई समय के साथ इसमें गिरावट होती गई. लेकिन हिंदी को बचाने के लिये सरकार को इसकी मान्यता रद्द नहीं करनी चाहिए. वर्तमान समय में कई ऐसी संस्थाएं कार्यरत हैं जो की कभी गुवत्तापूर्ण नहीं रही. इसलिये सरकार को इस स्तर को सुधारते हुए इसे आगे बढ़ाना चाहिये.प्रोफेसर नित्यानंद मिश्र…………………………..
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