हत्या के मामले में एक को छह साल की सजा
देवघर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय महेश चंद्र वर्मा की अदालत द्वारा सेशन केस नंबर 23/06 में फैसला सुनाया गया है. इस केस के एक आरोपित संजय मांझी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए छह साल की सश्रम सजा सुनायी गयी. साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया. अर्थदंड नहीं देने […]
देवघर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय महेश चंद्र वर्मा की अदालत द्वारा सेशन केस नंबर 23/06 में फैसला सुनाया गया है. इस केस के एक आरोपित संजय मांझी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए छह साल की सश्रम सजा सुनायी गयी. साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया. अर्थदंड नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी. अन्य दो आरोपितों प्रकाश मांझी व बिशन मांझी को मामले में संलिप्तता का दोषी पाते हुए नौ-नौ माह की सश्रम सजा व पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.
इन दोनों अभियुक्तों की ओर से जुर्माने की राशि अदा न करने पर 15 दिन की सामान्य कैद काटनी होगी. इस धारा में संजय मांझी को भी दोषी ठहराया गया है. इनकी दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी. केस के एक अन्य महिला आरोपित कौशल्या देवी को आरोपों से मुक्त कर दिया गया. इस मामले में अभियोजन पक्ष से बीके सिंह व बचाव पक्ष से इशहाक अंसारी ने पक्ष रखे थे. अभियोजन पक्ष से कुल 13 लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी थी.
क्या था मामला
सारवां थाना के अम्बा केंदुआ नावाडीह गांव में बीते 14 सितंबर 2005 को जमीन को लेकर आपस में विवाद हुआ था जिसमें कुदाल चल गयी थी. कुदाल के वार से वसंत मांझी को गंभीर रूप से जख्मी किया गया था जिसकी इलाज के क्रम में मौत हो गयी थी. बाद में आरोपितों के विरुद्ध हत्या की धारा जोड़ी गयी. पहले जानलेवा हमला का आरोप लगाते हुए सारवां थाना कांड संख्या 93/2005 दर्ज हुआ था. मृतक के भाई फोका मांझी के बयान पर यह केस दर्ज हुआ था जिसमें कुल चार लोगों को आरोपित बनाया गया था.
जिन्हें मिली सजा
1. संजय मांझी
2.प्रकाश मांझी
3. बिशन मांझी
जो हुए आरोप मुक्त
1. कौशल्या देवी
