मधुपुर. शहर के आमटल्ला भेड़वा में 26वां सालाना उर्स महबूबुल औलिया फैजाने इस्लाम कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम खानकाह कादिरीया, तेगिया, अयूबिया और इस्लामिया के तत्वावधान में संपन्न हुआ. इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती मो सऊद मिस्बाही ने कहा कि हमारे रसूल का फरमान है कि नमाज की पाबंदी करो और हराम कामों से बचो. उन्होंने कहा कि यही अल्लाह और रसूल का पैगाम है किसी के साथ गलत नहीं करना चाहिए, यही पैगाम औलियाए कराम ने भी दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करता है. समाज में दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम भी जरूरी है. सभी को नमाज पढ़नी चाहिए, क्योंकि नमाज से शारीरिक विकास भी होता है. अल्हाज शहादत हुसैन बरकाती ने अपने संबोधन में कहा कि अल्लाह ने सबसे पहले आदम अलैहिस्सलाम को खलीफा बनाकर दुनिया में भेजा. उन्होंने कहा कि जलसा व मिलाद में जाकर उसे सुनना चाहिए. साथ ही उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि हर किसी को कोई भी नया काम शुरू करने से पहले मशवरा जरूर लेना चाहिए, और यदि कोई न हो तो अपने विवेक से भी सलाह ली जा सकती है. इस अवसर पर नातख्वां हबीबुल्लाह फैजी ने नातिया कलाम प्रस्तुत किया, जिसमें “मुस्तफा, मुस्तफा खैरुलवरा हो” आदि शामिल रहे. वहीं मुजाहिद राजा मजहर ने “जलवा अली का झलक रहा है, तेगे अली के आंगन में…” और नासिर अतहर ने “वो मेरा नबी, सच्चा नबी, प्यारा नबी अच्छा नबी है…” जैसे नातिया कलाम पेश किया. कांफ्रेंस की अध्यक्षता पीरे तरीकत रहबरे शरियत हजरत मौलाना सूफी शाह अब्दुल हन्नान अयूबी इस्लामी कादरी ने की. वहीं मंच का संचालन नकिबे अहलेसुन्नत फिरोज राहत ने किया. मौलाना नूरुद्दीन रिजवी खलीफा हुजूर ताज़ूसरिया, मौलाना नसबुल ऐन कादरी, हमदम फैजी आदि मौजूद थे. — 26वां सालाना उर्स महबूबुल औलिया फैजाने इस्लाम कॉन्फ्रेंस आयोजित आमटल्ला भेड़वा में 26वां सालाना उर्स व फैजाने इस्लाम कॉन्फ्रेंस का आयोजन
26वां सालाना उर्स की महफिल में गूंजी नातिया कव्वालियां
मधुपुर: आमत्तल्ला भेड़वा में 26वां उर्स: महबूबुल औलिया फैजाने इस्लाम कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन
