दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय-जय…

रिखियापीठ. शतचंडी महायज्ञ में रिखिया कन्या-बटुकों को दूसरे दिन सुंदर वस्त्र दिया गया. कन्याओं ने देवी दुर्गा को समर्पित कई कीर्तन से देश-विदेश के भक्तों को झूमाया. इसमें ‘दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय-जय, काल विनाशिनी काली जय-जय…, नमो नारायण दुर्गे मां…आदि कीर्तन से यज्ञ परिसर में उपस्थित भीड़ देवी की भक्ति में झूम उठी. कन्याओं के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 24, 2014 10:03 PM

रिखियापीठ. शतचंडी महायज्ञ में रिखिया कन्या-बटुकों को दूसरे दिन सुंदर वस्त्र दिया गया. कन्याओं ने देवी दुर्गा को समर्पित कई कीर्तन से देश-विदेश के भक्तों को झूमाया. इसमें ‘दुर्गति नाशिनी दुर्गा जय-जय, काल विनाशिनी काली जय-जय…, नमो नारायण दुर्गे मां…आदि कीर्तन से यज्ञ परिसर में उपस्थित भीड़ देवी की भक्ति में झूम उठी. कन्याओं के सुंदर नृत्य देख विदेशी अचंभित रह गये. स्वामी निरंजनानंद जी ने कहा कि नृत्य से मन प्रसन्न रहता है. कीर्तन के साथ-साथ नृत्य भी भगवान का माध्यम है.