देवघर : बाबा नगरी में ठंड पूरे शबाब पर है. लगतार पारा गिरने व शीतलहरी चलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. इस ठंड ने हर किसी को ठिठुरा दिया है. देवघर का न्यूनतम पारा सात डिग्री तक पहुंच गया है. यही वजह है की शाम होते ही सड़क सुनसान हो जा रही है. लोग घरों में दुबक जा रहे हैं.
इसमें सबसे अधिक परेशानी रिक्शा-ठेला चालकों व मजदूर वर्ग के लोगों को हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड का प्रकोप जारी रहेगी. इधर, कड़ाके की ठंड को देखते हुए डीसी नैंसी सहाय ने जिले के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है.
सीबीएसइ, आइसीएसइ, मदरसा, आंगनबाड़ी केंद्र, उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों सहित सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को चार जनवरी तक बंद रखने को कहा गया है. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालयों के समय में परिवर्तन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये हैं. इसके अलावा डीसी ने कहा कि शीतलहरी के कारण बच्चों को ठंड और बीमारी से बचाने के लिए सभी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है.
संबंधित विभागों के आलाधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश भी डीसी ने दिया है. बताते चलें कि शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों में इस आदेश के पूर्व से ही छुट्टियां चल रही है. उनमें से एक विद्यालय तो दो तक छुट्टी रहने के बाद तीन जनवरी 2020 से खुलने वाली थी.
डीसी ने चौक-चौराहों पर बांटे कंबल
भीषण ठंड व कनकनी को देखते हुए जिला प्रशासन की अोर से देर शाम शहर के चौक-चौराहों में कंबल का वितरण किया गया. इस क्रम में डीसी नैंसी सहाय के नेतृत्व में प्रशासनिक पदाधिकारियों ने पुराने सदर अस्पताल परिसर में, उसके सामने रिक्शा चालकों व गरीब तबके के लोगों के बीच कंबल वितरित किया.
प्रशासनिक टीम इसके बाद नये सदर अस्पताल में भरती मरीजों अौर जसीडीह के इलाके में सड़क किनारे आग ताप रहे गरीब व लाचार लोगों के बीच कंबलों का वितरण किया. इस अवसर पर प्रशासनिक पदाधिकारियों में डीडीसी शैलेंद्र लाल, एसडीअो विशाल सागर, डीपीअो राजीव रंजन सहित कर्मी समीर चौबे आदि शामिल थे.
अधिकारी रात्रि में करें भ्रमण: डीसी
कंबल वितरण के क्रम में डीसी नैंसी सहाय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शीत लहर को देखते हुए जिला में कोई व्यक्ति चाहे वह बेघर हो या कोई अन्य व्यक्ति हो, वह खुले में या सड़कों पर ना सोये, सभी अधिकारी रात्रि के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे कि कोई भी व्यक्ति खुले में तो नही सो रहा है, निरीक्षण करने वाले अधिकारी के पास उचित मात्रा में कंबल होने चाहिए व हर संभव प्रयास करे कि ठंड के बचाव के लिए उस व्यक्ति को रैन बसेरा में पहुंचाया जाये.
