होम्योपैथ चिकित्सक ने की गर्भवती की जांच

विशेषज्ञ डाक्टर द्वारा किया जाना है गर्भवती के स्वास्थ्य की जांच जांच के लिए घंटों सीएचसी में रहती हैं महिलाएं, नहीं दिया जाता नाश्ता सारठ : जिले में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. इसकी बानगी शनिवार को सारठ सीएचसी में देखने को मिली. […]

विशेषज्ञ डाक्टर द्वारा किया जाना है गर्भवती के स्वास्थ्य की जांच

जांच के लिए घंटों सीएचसी में रहती हैं महिलाएं, नहीं दिया जाता नाश्ता
सारठ : जिले में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. इसकी बानगी शनिवार को सारठ सीएचसी में देखने को मिली. यहां प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती की हर माह होनी वाली जांच होम्योपैथ चिकित्सक डाॅ नेहा कुमारी ने की.
जबकि गर्भवती को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करने के लिए सीएचसी में हर माह विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा जांच की जानी है. शनिवार को होम्योपैथी चिकित्सक डॉ नेहा ने 110 महिलाओं की एएनसी जांच की. यह स्थिति तब है जब सीएचसी में नियमानुसार आयुष चिकित्सक कार्यरत हैं.
जिनका काम विभिन्न स्कूलों में जाकर छात्राओं की जांच भी करना है. इसके अलावा तीन माह की गर्भवती को 30 रुपये का नाश्ता देने कानियम भी, बावजूद यह सुविधा नहीं दी जा रही है. दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है. इधर, सारठ सीएचसी के लेखा प्रबंधक सरोज कुमार सिंह ने कहा कि आदेश तो है पर यह व्यवस्था संभव नहीं हो पा रहा है. तीन माह की गर्भवती को 30 रुपये का नाश्ता देने का आदेश है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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