मधुपुर : नप के पथलचपटी मौजा अंतर्गत मीना बाजार में करोड़ों की विवादित जमीन पर कब्जा किये जाने को लेकर मधुपुर कॉलेज प्रशासन व विपक्षी गुट आमने सामने है. बताया जाता है कि कुछ लोग जेसीबी मशीन लगा कर उक्त जमीन की घेराबंदी कर रहे थे, जिस पर कॉलेज प्रशासन अपना दावा जता रहा है और मामला न्यायालय में लंबित है. जमीन घेराबंदी होने की सूचना होने पर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डाॅ पशुपति कुमार राय ने थाना में एक लिखित शिकायत दी.
प्रयास, पुलिस ने रोका
मधुपुर : नप के पथलचपटी मौजा अंतर्गत मीना बाजार में करोड़ों की विवादित जमीन पर कब्जा किये जाने को लेकर मधुपुर कॉलेज प्रशासन व विपक्षी गुट आमने सामने है. बताया जाता है कि कुछ लोग जेसीबी मशीन लगा कर उक्त जमीन की घेराबंदी कर रहे थे, जिस पर कॉलेज प्रशासन अपना दावा जता रहा है […]

इसके बाद पुलिस के अधिकारी और जवान मौके पर पहुंच कर जमीन पर कब्जा करने से विपक्षी को रोक. मोहल्ले वालों ने भी जमीन पर जबरन प्रयास का विरोध किया. प्रभारी प्राचार्य ने लिखित शिकायत देेकर पुलिस को बताया कि मधुपुर महाविद्यालय का एक भूखंड पथलचपटी मौजा के मीना बाजार में है. जिसका प्लॉट संख्या 553 का है. इसका थोका नंबर 418 और रकवा 31 बीघा 10 कट्ठा है.
उन्होंने बताया कि उक्त जमीन को भू माफिया भेड़वा निवासी शिव कुमार बथवाल, गड़िया निवासी अशोक कुमार सिंह, खलासी मोहल्ला निवासी साजीद शेख जेसीबी मशीन से खुदाई कर जबरन अपने कब्जे में लेने का प्रयास कर रहे हैं. इस जमीन को लेकर देवघर के दीवानी न्यायालय में टाइटल सूट नंबर 36/98 चल रहा है. जिसकी अगली सुनवाई 30 नवंबर 2019 को है.
कॉलेज प्रशासन ने पुलिस से फरियाद करते हुए कहा कि अविलंब भू माफियाओं के द्वारा किये जा रहे घेराबंदी से बचाया जाये. साथ ही इसमें कई अन्य लोग भी संलिप्त हो सकते हैं. उन्होंने थाना को न्यायालय में केस से संबंधित कई दस्तावेज भी प्रस्तुत किया. बताया जाता है कि उक्त विवादित जमीन का बाजार मूल्य करोड़ों में है. जिस पर कई भू माफियाओं की नजर लंबे समय से है.
कहते हैं प्रभारी प्राचार्य
डाॅ पशुपति राय ने कहा कि उक्त जमीन पाथरोल निवासी हरगोविंद सिंह ने सब रजिस्ट्री देवघर के माध्यम से निबंधित दान पत्र डीड संख्या 929 दिनांक 2 अप्रैल 1970 को मधुपुर कॉलेज प्रशासन समिति को दी थी. इस जमीन पर भू माफियाओं की बुरी नजर है. जिसे बचाना मधुपुर के छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए आवश्यक है.