देवघर : अब देवघर विद्युत अंचल का संचालन गिरिडीह से होगा. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा पहली अक्तूबर से विद्युत आपूर्ति अंचल में किये गये फेरबदल के बाद विद्युत आपूर्ति बोर्ड दुमका से संबंद्ध देवघर अंचल को गिरिडीह विद्युत बोर्ड के अधीन कर दिया गया है. इससे यहां के बड़े उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए 33 केवीए का कनेक्शन जरूरी होता है. उसके लिए अब गिरिडीह जाना पड़ेगा.
देवघर विद्युत अंचल कार्यालय अब गिरिडीह से होगा संचालित, बड़े उद्योगपतियों की बढ़ी परेशानी
देवघर : अब देवघर विद्युत अंचल का संचालन गिरिडीह से होगा. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा पहली अक्तूबर से विद्युत आपूर्ति अंचल में किये गये फेरबदल के बाद विद्युत आपूर्ति बोर्ड दुमका से संबंद्ध देवघर अंचल को गिरिडीह विद्युत बोर्ड के अधीन कर दिया गया है. इससे यहां के बड़े उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ […]

देवघर अंचल के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता को भी बैठकों में शामिल होने के लिए गिरिडीह जाना पड़ेगा. सबसे ज्यादा परेशानी गोड्डा विद्युत प्रमंडल के पदाधिकारियों (इई व एई) को 72.1 किमी की जगह अब 147.2 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी.
33 केवी के नये कनेक्शन के लिए जाना गिरिडीह पड़ेगा : इएसइ : देवघर विद्युत अंचल के इएसइ शुभंकर झा ने बताया कि गिरिडीह से दुमका के बीच देवघर सेंटर प्लेस होता है. विद्युत एरिया बोर्ड का कार्यालय देवघर में होने से यहां जीएम बैठते.
क्लोज मॉनिटरिंग होती, कर्मचारियों की जीपीएफ संबंधित समस्या फौरन दूर हो पाती. अंचल के लिए मेटेरियल की खरीदारी सुविधाजनक तरीके से हो पाती. 33 केवी के नये कनेक्शन के लिए अब गिरिडीह जाना पड़ेगा. आयुक्त स्तर पर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए दुमका तो अब भी जाना पड़ेगा.