जसीडीह : जसीडीह मुख्य बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से 67 वर्षों से पूजा का आयोजन किया जा रहा है. दुर्गा पूजा की तैयारी समिति के सदस्यों की ओर से जोर-शोर से की जा रही है.
यहां 1952 में मां दुर्गा की पूजा प्रारंभ की गयी थी तथा माता की पूजा वैष्णवी विधि से की जाती हैं. समिति के अध्यक्ष हरि किशोर सिंह ने बताया कि वर्तमान में पूजा का बजट करीब पांच लाख रुपये रखा गया है. पूजा-अर्चना आचार्य भूषण पांडे लगातार 10 दिनों तक कराते आ रहे हैं.
यहां कलश स्थापना के दिन से ही आसपास क्षेत्रों की महिलाएं दीप जलाने आती हैं. सप्तमी को मां की प्रतिमा वेदी पर विराजमान की जायेगी. वहीं अष्टमी के दिन सुबह से ही भक्तों डाला चढ़ाने पहुंचते हैं. वहीं समिति की ओर से सप्तमी, अष्टमी व नवमी के दिन मंदिर में कुंवारी कन्याओं को भोजन कराया जायेगा तथा रात्रि में स्थानीय व बाहर से आये कलाकार द्वारा जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. दशमी को महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा.
अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष भक्तों की सुरक्षा को लेकर मंदिर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. इस साथ ही मेला के दिन मेला क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी ड्रोन कैमरे के माध्यम से की जायेगी. पूजा के दौरान स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा तथा प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के प्रति लोगों को जागरूक किया जायेगा. पूजा को सफल बनाने में समिति के सदस्य लगे हुए हैं.
