देवघर :श्रावणी मेला अब ढलान की ओर है. तीसरी सोमवारी के बाद मेला के 21वां दिन सुबह-सुबह कांवरियों की कतार रूटलाइन में कुमोदिनी घोष रोड तक लगी रही. कांवरियों के मुख से जय-शिव, जय-शिव के जयकारे निकल रहे थे.
हर कोई रूट लाइन को तय कर जलाभिषेक के लिए बाबा मंदिर में प्रवेश को उत्सुक थे. कतार आगे बढ़ने के साथ कांवरियों में संकल्प पूरा होने का उत्साह दिख रहा था. ढोल बाजे के साथ ढोलकिया ने बाबा के गीत सुनाकर कांवरियों का भी खूब मनोरंजन किया. दिन चढ़ने के साथ ही कांवरियों की कतार भी रूट लाइन में कम होती चली गयी. शाम के बाद रूट लाइन में कांवरियों की भीड़ नहीं के बराबर रही.
मत्स्य विभाग के पास ही कांवरियों की कतार सिमट गयी थी. कांवरियों की भीड़ को नियंत्रित करने एवं उन्हें आवश्यक सुविधा व सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है. मंगलवार को रूट लाइन में कांवरियों के नहीं होने के कारण सेवा शिविर में उपलब्ध वाॅलंटियर भी आराम की मुद्रा में नजर आये. इधर, मानसिंघी तट पर बनाये गये इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम से प्रवेश द्वार दुम्मा सहित रूट लाइन व मेला क्षेत्रों की निगरानी होती रही.
