यात्रियों की जान जोखिम में डाल कर आखिर कैसे रवाना हुई इंटरसिटी एक्स
देवघर : एक तरफ जहां रेल मंत्रालय व पूरा रेलवे साेशल मीडिया पर एक्टिव है, वहीं दूसरी तरफ रविवार को ब्लॉक की वजह से साउथ इस्टर्न रेलवे की ओर से 26 मई को कई ट्रेन रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी करने के बाद भी इंटरसिटी एक्सप्रेस के देवघर से रांची रवाना होने पर रेलवे की […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
देवघर : एक तरफ जहां रेल मंत्रालय व पूरा रेलवे साेशल मीडिया पर एक्टिव है, वहीं दूसरी तरफ रविवार को ब्लॉक की वजह से साउथ इस्टर्न रेलवे की ओर से 26 मई को कई ट्रेन रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी करने के बाद भी इंटरसिटी एक्सप्रेस के देवघर से रांची रवाना होने पर रेलवे की कार्यप्रणाली चर्चा बन गयी है.
रविवार की सुबह देवघर स्टेशन से ट्रेन नंबर 13319-13320 देवघर-रांची-देवघर इंटरसिटी एक्सप्रेस देवघर स्टेशन से रवाना हो जाती है व ट्रेन के जसीडीह स्टेशन पहुंचने पर आसनसोल डिविजन की नींद टूटती है.
आनन-फानन में सभी स्टेशन से होकर ट्रेन मुरी तक पहुंचा तो दिया जाता है पर सवाल यह है कि इन हजारों यात्रियों की जान जोखिम में डालकर आखिर ट्रेन कैसे रवाना कर दी गयी. इस दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानी की जवाबदेही कौन लेगा. ट्रेन रद्द होने की जानकारी नहीं होने के कारण भी काफी संख्या में यात्रियों ने देवघर, जसीडीह के अलावा विभिन्न स्टेशनों से इंटरसिटी एक्प्रेस से सफर का टिकट कटाया था.
केवल देवघर स्टेशन में ही लगभग दस हजार रुपये व जसीडीह में आठ हजार रुपये का टिकट काटा गया. ट्रेन चलाकर रेलवे ने कमाई तो कर ली पर यात्रियों को शायद यह अंदेशा ही नहीं रहा कि जिसके भरोसे वह सफर कर रहे हैं, उन्हें ही यह पता नहीं कि यह ट्रेन रद्द कर दी गयी है. वहीं, साउथ इस्टर्न रेलवे ने जहां अपनी ओर से नोटिफिकेशन जारी होने की बात कही, वहीं आसनसोल डिविजन की ओर से सूचना नहीं मिलने की बात ने रेलवे के अंदरुनी तालमेल की कमी को भी उजागर कर दिया.