देवघर : राज्य के अंतिम फेज में संतालपरगना की गोड्डा, दुमका व राजमहल सीट पर बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए निकले. तीनों लोकसभा में मिलाकर कुल 71.16 फीसदी मतदान िरकार्ड किये गये. यह 2014 की तुलना में 1.82 फीसदी अधिक है. चौथे चरण में पहले तीन चरण की तुलना में अधिक वोट पड़े.
2019 में राज्य की सभी सीटों पर 66.53 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया. 2014 में यह आंकड़ा 63.82 फीसदी था. वोटिंग को लेकर संताल परगना की जनता ने गजब का उत्साह दिखाया. गांव व शहर के बूथों पर सुबह से लोग निकले और दिनभर वोटिंग का सिलसिला जारी रहा. खास कर नक्सल प्रभावित इलाके में लोगों ने बुलेट का जवाब बैलेट से दिया, खूब वोटिंग की.
आदिवासी, आधी आबादी, फस्ट टाइम वोटर, बुजुर्ग और दिव्यांग वोटरों ने तो इस बार रिकार्ड तोड़ दिया है. सभी घरों से निकले और देश हित में वोटिंग की. यही कारण है कि कड़ी धूप और तपिश के बावजूद संताल परगना की तीन सीटों पर 70.77% वोट पड़े हैं.
शाम पांच बजे तक के जो आंकड़े मिले हैं उसके अनुसार, गोड्डा में 69.02%, दुमका में 71.97% व राजमहल में 71.69% वोट डाले गये हैं. जबकि पिछली बार 2014 के चुनाव में गोड्डा में 66.30%, दुमका में 71.80% और राजमहल में 70.37% वोट पड़े थे. इस बार का वोट प्रतिशत देखें तो पिछली बार की तुलना में गोड्डा लोस में 4.20 प्रतिशत वोट अधिक पड़े हैं.
नक्सल प्रभावित इलाके में भारी उत्साह : दुमका लोस सीट अंतर्गत नक्सल प्रभावित इलाके काठीकुंड, शिकारीपाड़ा, पाकुड़ के आमड़ापाड़ा, महेशपुर, गोड्डा के सुंदरपहाड़ी इलाके में लोगों ने बुलेट का जवाब बैलेट से दिया है. कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच लोग अपना सांसद चुनने को घरों से निकले और जमकर वोटिंग की. काफी संख्या में ग्रामीण निकले और देश की सरकार चुनने में अहम भूमिका निभायी.
तीनों लोकसभा क्षेत्रों में गत चुनाव की तुलना में अधिक मतदान प्रतिशत रिकार्ड किया गया. 2014 की तुलना में सबसे अधिक 3.13 मतदान प्रतिशत की वृद्धि गोड्डा में दर्ज की गयी. वहीं, राजमहल में पिछली बार से 1.37 और दुमका में 1.03 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ. यह अंतिम आंकड़ा नहीं है. इसमें थोड़ा-बहुत फेरबदल संभव है. चुनाव आयोग सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद एक-दो दिनों में मतदान प्रतिशत का फाइनल आंकड़ा जारी करेगा.
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल खियांग्ते ने बताया कि अंतिम चरण के चुनाव के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. इस फेज के तीन लोकसभा क्षेत्रों में 1,745 बूथ अति संवेदनशील और 2,466 बूथ संवेदनशील के रूप में चिह्नित किये गये थे. सभी मतदान केंद्रों पर भयमुक्त वातावरण में मतदान हुआ. चुनाव आयोग जिला निर्वाची पदाधिकारियों से लगातार संपर्क में था. बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के अलावा वेबकास्टिंग के जरिये भी नजर रखी जा रही थी.
उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाओं को छोड़ सभी जगहों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ. कुछ मतदान केंद्रों पर वीवीपैट खराब होने की शिकायत हुई थी. लेकिन, जिला निर्वाची पदाधिकारियों और चुनाव आयोग के बढ़िया समन्वय से वीवीपैट बदल कर जल्द ही मतदान शुरू करा लिया गया.
