किसानों की मेहनत पर बरसे आफत के ओले

देवघर : देवघर व आसपास के क्षेत्रों में चार दिनों में हुई ओला व वृष्टि से लाखों रुपये की सब्जियां बर्बाद हो जाने से सब्जी उत्पादक किसान सदमे में हैं. ओला वृष्टि व भारी बरसात से मोहनपुर प्रखंड के महत्वाइनडीह गांव के अपने खेतों में बर्बाद हुई सब्जियों (टमाटर सहित झींगा, करेला, कद्दू, नेनुआ, पालक […]

देवघर : देवघर व आसपास के क्षेत्रों में चार दिनों में हुई ओला व वृष्टि से लाखों रुपये की सब्जियां बर्बाद हो जाने से सब्जी उत्पादक किसान सदमे में हैं. ओला वृष्टि व भारी बरसात से मोहनपुर प्रखंड के महत्वाइनडीह गांव के अपने खेतों में बर्बाद हुई सब्जियों (टमाटर सहित झींगा, करेला, कद्दू, नेनुआ, पालक साग, गेंनारी साग) अौर गेहूं को देख किसानों की आखों में आंसू तक आ गये हैं.

ओला वृष्टि से टमाटर के अलावा दूसरी अन्य सब्जियों व फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. इलाके के अनेक सब्जी उत्पादक किसान एक-एक दिन में ही तीन से चार हजार रुपये के टमाटर स्थानीय बाजारों में बेच रहे थे. अभी टमाटर का सीजन लगभग 15 दिन ओर चलना है. लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में तैयार तथा तैयार होने के कगार पर खड़े टमाटर पूरी तरह से बर्बाद हो गये. इससे प्रभावित किसानों ने बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग शुरू कर दी है.

महत्वाइनडीह बड़ा सब्जी उत्पादक: गौरतलब है कि महत्वाइनडीह ही नहीं सारवां प्रखंड व आसपास के गांव के टमाटर उत्पादक किसान अपनी टमाटर की फसल को बेचने के लिए देवघर शहर के बिलासी, बैजनाथपुर, मीनाबाजार स्थित सब्जी मंडी सहित देवघर से सटे कई शहरों की मंडियों को सब्जी बेचने के लिए ले जाते हैं, मगर अब ओलावृष्टि के कारण से टमाटर व अन्य सब्जियों के खराब होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है.

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