देवघर : दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल की सजा
देवघर : दहेज हत्या के दोषी पति नेमानी मंडल को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. यह राशि मृतका के परिजनों को दी जायेगी. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से एक साल की सामान्य कैद काटनी होगी. सेशन जज […]
देवघर : दहेज हत्या के दोषी पति नेमानी मंडल को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. यह राशि मृतका के परिजनों को दी जायेगी. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से एक साल की सामान्य कैद काटनी होगी.
सेशन जज दो अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने यह फैसला सुनाया. इसी मामले में आरोपित सास को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक ब्रह्मदेव पांडेय ने पक्ष रखा व कोर्ट में सात गवाही प्रस्तुत की व सजा दिलाने में सफल रहे. बचाव पक्ष से अधिवक्ता तारानंद सिंह ने पक्ष रखा, लेकिन आरोप मुक्त कराने में विफल रहे. आरोपित को दहेज हत्या का दोषी पाया व उपरोक्त सजा दी गयी.
क्या था मामला
मोहनपुर थाना क्षेत्र के कोेेठिया जनाकी गांव में यह घटना 26 अक्तूबर 2015 को हुई थी. दर्ज एफआइआर के अनुसार बिहार के कटोरिया थाना अंतर्गत दमगा गांव निवासी भीम मंडल की बेटी लक्ष्मी देवी की शादी बाबा मंदिर में घटना से चार साल पहले हुई थी. शादी के बाद पहले ठीक से रखा व दांपत्य जीवन ठीक चला.
इसके बाद दहेज में बाइक की मांग की गयी जिसे मायके वाले नहीं दे पाये, तो पंचायती भी हुई. इस क्रम में दहेज नहीं देने के चलते लक्ष्मी देवी की गला दबाकर हत्या कर दी गयी. इसमें पति नेमानी मंडल के अलावा आरती देवी, महावीर मंडल व रामेश्वर मंडल को आरोपित बनाया गया.
अनुसंधान के बाद पुलिस ने पति व सास के विरुद्ध चार्जसीट दाखिल किया, जिसका ट्रायल हुआ व पति को दहेज हत्या का दोषी ठहराया व उपरोक्त सजा दी. सास की संलिप्तता नहीं होने के चलते संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. इस केस में महज तीन साल के बाद मृतका के परिजनों को न्याय मिला.